बाजरा गड़बड़ी में कार्रवाई से बचने के लिए रिश्वत का खेल..
तो फेर याए बात कह द्यूं .......तै जे नोटिस ना तो लिकड़दें तो पीसे दे दयांगे..बस संभाल लिए....
डीएफएससी विभाग में बाजरे की बिक्री में गड़बड़ी पर नोटिस जानी होने के समय दो डिपो धारकों का ऑडियो वायरल
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। तो फेर याए बात कह द्यूं ट.....तै जे नोटिस न तो लिकड़दें तो तैयार...बस संभाल लिए....यह कलायत के दो डिपो धारकों के बीच हुई 9 मिनट 44 सेकेंड की बातचीत का मजमून है। बातचीत का यह ऑडियो वायरल हुआ है। जिसमें एक डिपो धारक दूसरे डिपो धारक को यह जानकारी दे रहा है कि डीएफएससी कार्यालय का एक कर्मचारी डीएफएससी के नाम से 5 हजार रुपये की राशि मांग रहा है। जबकि दूसरा कर्मचारी यह राशि देने की बात से इंकार करता है। 9 मिनट और 44 सेकेंड तक दोनों डिपो धारक यही बातचीत करते हैं। बातचीत में यह भी बात सामने आई है कि डीएफएससी विभाग का वह कर्मचारी रिश्वत की मांग कर रहा है, जिसकी कलायत में ड्यूटी भी नहीं हैं। पूछने पर डिपो धारक सलाह देता है कि 4 से 5 हजार रुपये में काम चलता हो तो ठीक है। अन्यथा प्रति डिपो 5 हजार रुपये देने की आवश्यकता नहीं हैं। बातचीत के अंत में दोनों में इसी बात पर सहमति बनती है कि यदि नोटिस जारी नहीं होते और उनकी सिक्योरिटी राशि जब्त नहीं होती है तो वे धेला भी नहीं देंगे।
बताया जा रहा है कि इसी माह बाजरे की बिक्री में हुई गड़बड़ी के मामले में जारी हुए नोटिस की कार्रवाई से बचने की एवज में यह राशि मांगी गई है। क्योंकि नोटिस जारी होने की स्थिति में 5 हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि जब्त हो जाएगी।
चार डिपो धारकों के 20 हजार मांगै...तो मन्ने 10 हजार दे..मैं छाल ठुवा दूंगा:-
बातचीत में डिपो धारक दूसरे को कह रहा है कि 4 डिपो के हिसाब से 20 हजार रुपये देने की बात कह रहे हैं तो दूसरा डिपो धारक कहता है कि थाम मन्ने 10 हजार दे दयो। मैं कोर्ट में डायरेक्टर तक इनकी छाल ठुवा दयूंगा।
डीएफएससी सुरेंद्र अरोड़ा का कहना है कि ऑडियो मैंने भी सुना है। दो डिपो धारक आपस में बातचीत कर रहे हैं। इस मामले की जांच एफएसओ को सौंपी है। जो सोमवार को रिपोर्ट देेंगे। दोनों डिपो धारकों सहित जिस इंस्पेक्टर का नाम ऑडियो में आ रहा है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिस भी डिपो धारक ने गलत काम किया है। उसके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
यह है मामला
जिले में करीब 150 क्विंटल बाजरे को 65 से अधिक डिपो धारकों द्वारा डिपो पर पहुंचने से पहले ही बेच दिया गया। इस मामले की जांच मुख्यालय के आदेशों पर की जा रही है। इन सभी को नोटिस जारी करके पूछा गया है। बताया जा रहा है कि यह ऑडियो इसी नोटिस के जारी होने से पहले का है।