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चावल की गाडिय़ां लगवाने में परेशानी, मिलर्स ने की मांग ज्यादा गाडिय़ां लगाई जाएं

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मिलर्स ने की ज्यादा गाड़ियां लगाने की मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सप्ताह भर से जिले में एफसीआई के गोदामों में चावल की गाड़ियां भेज रहे मिलर्स को कम गाड़ियां लगने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस पर मिलर्स ने एफसीआई के अधिकारियों से गाड़ियों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है।
सरकार द्वारा धान के सीजन में धान खरीद कर मिलर्स को चावल दिया जाता है। 30 नवंबर तक 20 प्रतिशत चावल दिया जाना है। जिसके हिसाब से मोटे से अनुमान के अनुसार 7 लाख एमटी धान में से लगभग 3400 गाड़ियां बनती हैं। कई मिलर्स अपनी धान से चावल निकाल कर एफसीआई में चावल जमा करवाना चाह रहे हैं, वहीं कइयों का चावल अभी तैयार नहीं है। दूसरी ओर एक मिलर ने बताया कि एफसीआई के अधिकारियों द्वारा गाड़ियां लगाए जाने की संख्या 50 से 55 तक सीमित कर दी है। इस हिसाब से 20 प्रतिशत चावल 30 नवंबर तक नहीं लग पाएगा। जब गाड़ियां ही नहीं लग रहीं हैं तो मिलर वहां गाड़ियां भेजकर क्या करेंगे। जिस कारण उन्हें परेशानी है। इस परेशानी के बारे में एफसीआई अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। उम्मीद है वे गाड़ियों की संख्या बढ़ाएंगे।
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इस संबंध में एफसीआई के मैनेजर तेजपाल ने बताया कि गाड़ियों की संख्या सीमित किए जाने जैसी कोई बात नहीं है। स्टाफ भी पूरा है। मिलर गाड़ियां तो लेकर आएं। 55 की बजाए पिछले दो दिनों से 40 गाड़ियां भी नहीं आ रही हैं। गाड़ियां आएंगी तो उन्हें लगाए जाने में कोई परेशानी नहीं है। मिलर अपना चावल तैयार करके एफसीआई को दे, नियमों की पालना करते हुए इस चावल को गोदामों में लगाया जाएगा।
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