फसल अवशेष प्रबंधन व संसाधन संरक्षण तकनीक पर ध्यान दें वैज्ञानिक : आरएस हुड्डा
कृषि विज्ञान केंद्र केंद्र की 27वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई
फोटो नंबर 25
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 27वीं बैठक कृषि विज्ञान केंद्र में हुई। जिसकी अध्यक्षता डॉ. आरएस हुड्डा निदेशक विस्तार शिक्षा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने की। केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र चहल ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की व आगामी वर्ष की कार्य योजना पर प्रकाश डाला।
डॉ. हुड्डा ने कहा कि जिले के किसानों को अपनी आमदनी दोगुनी करने के लिए जैविक खेती, फसल अवशेष प्रबंधन, फसल विविधिकरण व कृषि आधारित व्यवसायिक धंधे अपनाने होंगे। उन्होंने केंद्र के वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि वे किसानों को फसल विविधिकरण, संसाधन संरक्षण तकनीक व जैविक खेती के बारे में ज्यादा से ज्यादा तकनीकी जानकारी प्रदान करें। ताकि किसान कम लागत में ज्यादा आमदनी कमा सकें। डॉ. देवेंद्र चहल ने कहा कि जिले के किसान बहुत ही प्रगतिशील व मेहनती हैं। क्षेत्रिय धान अनुसंधान कौल के निदेशक डॉ. राम सिंह ने बताया कि केवीके द्वारा अग्र पंक्ति प्रदर्शन एवं खेत प्रदर्शन में नई किस्मों को तवज्जो देनी चाहिए।
डॉ. आरसी वर्मा प्रधानाचार्य कृषि महाविद्यालय कौल ने सभा में उपस्थित किसानों को कृषि वानिकी एवं बागवानी की फसलों को अपनाने की सलाह दी। ताकि भूमि के घटते जलस्तर को रोका जा सके। इस बैठक में डॉ. नरेंद्र कुमार जिला विस्तार विशेषज्ञ, सूर्य प्रकाश मत्स्य पालन अधिकारी, डा. प्रदीप चौहान उपनिदेशक पशुपालन व डेयरी विभाग, डा. प्रमोद सहारण बागवानी विकास अधिकारी, सुरजीत राठी इफ को प्रतिनिधि, हीरालाल कृभको प्रतिनिधि, डॉ. जसबीर सिंह, वीके मेहता पंजाब नेशनल बैठक ने भी अपने विचार एवं सुझाव रखें। इस मौके पर लक्ष्मी आनंद प्रधान प्रगतिशील किसान क्लब, सतपाल व राजेश, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रगतिशील किसान सुरेन्द्र जाजनपुर मौजूद रहे।