अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में अगले वित्त वर्ष में खर्च होने वाले 37 करोड़ 11 लाख 90 हजार रुपये का बजट कोरम पूरा नहीं होने के कारण पास नहीं हो पाया। भाजपा समर्थित पार्षदों ने बजट में पार्षदों की सलाह ना लेने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। जिस कारण बैठक में महज 8 पार्षद पहुंचे और मजबूरन कांग्रेस समर्थित चेयरमैन द्वारा बैठक को स्थगित करना पड़ा। अब बैठक 4 अप्रैल को बुलाई गई है। अब बजट वित्त वर्ष शुरू होने के बाद ही पारित हो पाएगा। कांग्रेस समर्थक पार्षदों ने भाजपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया है तो भाजपा समर्थक पार्षदों ने कहा कि कोठी से पास होकर आए बजट पर वे मोहर नहीं लगाएंगे।
बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे चेयरमैन नगर परिषद कार्यालय में पार्षदों की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें 37 करोड़ 12 लाख रुपये का बजट पारित किया जाना था। बैठक में दोपहर 12 बजे तक भी केवल 9 पार्षद व प्रतिनिधि पहुंचे थे। जिसमें कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा, पार्षद मोहन लाल शर्मा, पार्षद सुनीता रानी, पार्षद वीरेंद्र बिल्लू, हरजिंद्र सिंह, बबिता मित्तल, महेंद्र थरेजा, पार्षद महेंद्र के प्रतिनिधि केसरदास पहुंचे थे। इसके अलावा पार्षद संजय भौरिया के हाजिरी लगाकर जाने की जानकारी दी गई। बाकी पार्षद पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति के कार्यालय में एकत्रित रहे।
कोरम के अभाव में पारित नहीं हो पाया बजट:-
बैठक में महज 8 पार्षद, एक प्रतिनिधि के पहुंचने के चलते कोरम पूरा नहीं हुआ तो कार्यकारी चेयरमैन ने अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर बैठक को स्थगित कर दिया। अब 4 अप्रैल की बैठक निर्धारित की गई है।
37 करोड़ 12 लाख रुपये का पारित होना था बजट:-
बैठक में चालू वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित 37 करोड़ 12 लाख रुपये के बजट के खर्च पर चर्चा की जानी थी। इस बजट में से अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 तक 11 करोड़ 82 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके अलावा अगले वित्त वर्ष के लिए 37 करोड़ 11 लाख 90 हजार रुपये का बजट पारित होना था। इसी बजट के अनुसार अगले वित्त वर्ष में खर्च होते हैं। लेखा अधिकारी के अनुसार बैठक के स्थगित होने से 31 मार्च तक के काम-काज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगले साल का बजट अब अगली बैठक में ही पारित हो पाएगा।
कांग्रेसी पार्षद वीरेंद्र बिल्लू ने कहा कि विकास का दावा करने वाली भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। शहर में करोड़ों रुपये के बजट को रोक कर भाजपा पार्षद क्या साबित करना चाहते हैं?
पार्षद मोहन लाल शर्म ने कहा कि करोड़ों रुपये के विकास कार्य बैठक ना होने के कारण अटक गए हैं। यही भाजपा का असली चेहरा है।
बैठक का बहिष्कार कर पूर्व चेयरमैन के कार्यालय में एकत्रित हुए भाजपा पार्षद:-
बैठक का बहिष्कार कर पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, पार्षद प्रतिनिधि विनोद शर्मा, एमसी कुलदीप सैनी, प्रतिनिधि ज्योति सैनी, प्रतिनिधि काका सचदेवा, प्रतिनिधि दलबीर भान, प्रतिनिधि सुरेंद्र पहलवान, काला सांघन, वरुण मित्तल, प्रवीण सिंगला, गोपाल सैनी, गौरव ढुल, नरेश मित्तल, संजय गर्ग प्रजापति कार्यालय में पहुंचे। जिन्हें मनोनित पार्षद बृज, रमेश कुमार व जितेंद्र ठुकराल का समर्थन था। प्रजापति ने कहा कि चेयरमैन ने बजट के लिए किसी पार्षद से कोई चर्चा नहीं की। जिस कारण भाजपा समर्थित पार्षद बैठक में नहीं गए। कोठी से पारित होकर आने वाले बजट पर पार्षद मोहर नहीं लगाएंगे। पार्षदों को लोगों ने चुना है। इसलिए पार्षद लोगों की जवाबदेही अनुसार बजट तैयार करेंगे।
कोरम पूरा ना होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। बजट में राशि तय होती है। इसीलिए चर्चा जैसी कोई बात नहीं है। यदि पार्षद चर्चा ही करना चाहते हैं तो 4 अप्रैल से पहले 2 अप्रैल को सभी पार्षदों के साथ चर्चा कर ली जाएगी। 4 अप्रैल को फिर से बैठक तय की गई है।
डा. पवन थरेजा, कार्यकारी चेयरमैन, नगर परिषद कैथल।
शहर का अगले वित्त वर्ष के लिए पास नहीं हो पाया 37 करोड़ रुपये का बजट
भाजपा पार्षदों ने किया बैठक का बहिष्कार, कांग्रेस समर्थक महज 8 पार्षद पहुंचे बैठक में
2 दूसरे खेमे के पार्षद पहुंचे
विकास नहीं करवाना चाहती भाजपा: कांग्रेसी पार्षद
कोठी से पास हुए बजट को नहीं करेंगे पास:भाजपा पार्षद
नियमित चेयरमैन ना होने का खामियाजा भुगत रहा है शहर