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राजनेताओं ने साधी चुप्पी..डेरा प्रमुख को हुई सजा के बाद नहीं उठाए फोन

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राजनेताओं ने साधी चुप्पी, नहीं उठाए फोन
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। वोट की राजनीति के बीच जिले में राजनेताओं ने डेरा प्रमुख को हुई सजा पर चुप्पी साध ली है। बजट सहित कई बार सामान्य से सामान्य मामले में प्रतिक्रिया देने वाले नेताओं ने डेरा प्रमुख को सजा के बाद प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया गया तो कइयों से संपर्क ही नहीं हो पाया। जिनके फोन पर घंटी बजीं, उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। जिससे साफ जाहिर है कि डेरा प्रमुख को सजा के मामले में सभी राजनेता प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।
विदित रहे कि गुहला-चीका से भाजपा एमएलए कुलवंत बाजीगर ने तो खुद को डेरा का प्रेमी पहले और विधायक बाद में होने तक की बात कही थी। सजा के बाद जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसी तरह से कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणदीप सुरजेवाला, कलायत से विधायक जयप्रकाश व पूंडरी से विधायक प्रो. दिनेश कौशिक की सजा के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। चूंकि डेरा प्रमुख बारी-बारी से कई पार्टियों के हित साध चुके हैं।
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जनवादी महिला समिति ने किया साध्वियों की हिम्मत को सलाम
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान शर्मीला, जिला सचिव सावित्री ने कहा कि 2002 में साध्वी ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम द्वारा यौन शोषण मामले को तत्कालीन प्रधानमंत्री व हाईकोर्ट को पत्र लिखकर उजागर किया था। पीड़िता ने पत्र की एक प्रति जनवादी महिला समिति हरियाणा राज्य कमेटी को भी भेजी थी। न्याय के लिए 15 साल तक चले लंबे संघर्ष में दोनों साध्वियां सभी तरह के दबाव व धमकियों के बावजूद जान हथेली पर रखकर बहादुरी के साथ डटी रहीं। उनका संघर्ष बेहद प्रेरणादायी व सलाम के काबिल है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख द्वारा साध्वियों के यौन शोषण मामले में उसकी तथाकथित बेटी हनीप्रीत समेत सभी सहयोगियों को भी जांच के दायरे में लाया जाए। ताकि यौन शोषण के अन्य शिकार भी न्याय के लिए संघर्ष का हौसला जुटा पाएं।
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