संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के पांच चयनित राजकीय विद्यालयों में शुक्रवार को मिशन बुनियाद प्रवेश परीक्षा लेवल-2 का आयोजन किया गया। केंद्रों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। परीक्षा में 1603 पंजीकृत विद्यार्थियों में से 1522 ने भाग लिया, जबकि 81 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थी पूर्व में बुनियाद लेवल-1 परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे।
लेवल-2 परीक्षा में सफल विद्यार्थियों के लिए आगे लेवल-3 ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों को आईआईटी कोचिंग की रूपरेखा, अध्ययन रणनीति, समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके बाद अंतिम रूप से चयनित विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की आईआईटी कोचिंग प्रदान की जाएगी।
मिशन बुनियाद हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग, पंचकूला का संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9वीं और 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही आईआईटी-नीट जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सक्षम बनाना है। परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी शामिल हुए, जो सरकारी विद्यालयों में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत हैं। परीक्षा में कुल 10 प्रश्न पूछे गए, जिनमें प्रत्येक प्रश्न पांच अंकों का था। इस प्रकार परीक्षा कुल 50 अंकों की रही।
इन पांच विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्र
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चीका – 328 विद्यार्थी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जाखौली अड्डा, कैथल – 645 विद्यार्थी
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कलायत – 195 विद्यार्थी
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पुंडरी – 262 विद्यार्थी
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजोद – 173 विद्यार्थी
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार ने कहा कि मिशन बुनियाद कार्यक्रम हरियाणा सरकार की उस सोच का परिणाम है, जिसमें यह विश्वास निहित है कि प्रतिभा किसी एक वर्ग या संसाधन तक सीमित नहीं होती। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों में अपार क्षमता है, आवश्यकता केवल सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करने की है। जिले में विद्यार्थियों की बड़ी सहभागिता इस कार्यक्रम की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
मिशन बुनियाद कार्यक्रम हरियाणा सरकार की उस सोच का परिणाम है, जिसमें यह विश्वास निहित है कि प्रतिभा किसी एक वर्ग या संसाधन तक सीमित नहीं होती। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों में अपार क्षमता है, आवश्यकता केवल सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करने की है। जिले में विद्यार्थियों की बड़ी सहभागिता इस कार्यक्रम की सफलता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
-सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
मिशन बुनियाद केवल एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का माध्यम है। लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 की संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि विद्यार्थी चरणबद्ध तरीके से अपनी क्षमताओं को निखार सकें। परीक्षा के निष्पक्ष और सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
-सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार बुनियाद परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करते हुए