फोटो नंबर-05 से 07
डेरा विवाद : ग्रामीण नहीं माने तो 41 सदस्यों की कमेटी लेगी महंत का फैसला
तीन महीने से चल रहे डेरा बाबा राजपुरी गद्दी विवाद के सुलझने की जगी उम्मीद
बाबा लदाना के ग्रामीणों से अंतिम बार की जाएगी फैसले की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित डेरा बाबा राजपुरी डेरे को लेकर करीब तीन महीने से चल रहे विवाद के सुलझने की अब उम्मीद जगी है। डेरे की गद्दी विवाद को लेकर मंगलवार को गांव पाड़ला में गुहणा रोड पर स्थित बाबा राजपुरी धुने वाली जाल पर चौथी महापंचायत हुई। इसमें आस-पड़ोस के करीब 25 गांवों के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस महापंचायत की अध्यक्षता गांव पाड़ला के पूर्व सरपंच पितांबर राणा ने की। पंचायत में लगातार पांच घंटे की माथापच्ची के बाद 41 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जो एक बार गांव दोनों पक्षों से बात करेगी। यदि दोनों पक्ष फिर भी राजी नहीं हुए तो महंत का फैसला यह 41 सदस्यीय कमेटी करेगी।
महापंचायत में फैसले के लिए दिए गए तीन सुझाव : चौथी महापंचायत में गद्दी विवाद को सुलझाने के लिए मुख्य रूप से तीन फैसलों पर सुझाव दिए गए। इसमें कमेटी बनाकर इसका हल निकालने की बात रखी गई। इसमें पहला कमेटी बनाकर फोन के माध्यम से पक्षों को बुलाने, दूसरा कमेटी बनाकर स्वयं फैसला करने व अंतिम कमेटी बनाकर एक बार बाबा लदाना के दोनों पक्षों सहित ग्रामीणों से मिल कर मनाने का प्रयास करने, यदि वह नहीं मानते तो स्वयं फैसला करने पर मंथन हुआ। करीब घंटा भर चले मंथन के बाद प्रमुख लोगों ने प्रत्येक गांव के दो से तीन लोगों के नाम दिए। इसके बाद 41 सदस्यीय कमेटी बनी। तीनों सुझावों में अधिकतर सदस्यों ने बाबा लदाना के ग्रामीणों के इस फैसले में शामिल होने का विरोध किया और उनकी अपील न करने की हिदायत दी। लेकिन जब पंचायत में पड़ोसी गांवों की बाबा लदाना के ग्रामीणों द्वारा विरोध की बातें सामने आईं तो ग्रामीणों को अंतिम बार फैसले में शामिल करने की हिदायत दी। इसके बाद कमेटी बना एक बार बाबा लदाना के दोनों पक्षों सहित ग्रामीणों से मिल इस पर अंतिम बार फैसले में शामिल होने का प्रस्ताव पारित हुआ।
जब किया गांव के सरपंच को फोन : महापंचायत के दौरान प्रमुख लोगों द्वारा एक बार गांव बाबा लदाना का पंचायत को लेकर पक्ष रखने के लिए गांव पाड़ला के नंबरदार रोशन पाड़ला ने बाबा लदाना के सरपंच को फोन किया गया तो उन्हें सरपंच ने जवाब दिया कि पड़ोसी गांव की महापंचायत ही अपना फैसला कर लें। वे अपनी बात पर अटल हैं।
कमेटी का विरोध होने पर पड़ोसी गांव करेंगे बाबा लदाना का बहिष्कार : महापंचायत में फैसला लिया गया कि यदि गांव बाबा लदाना के दोनों पक्ष व ग्रामीण अंतिम फैसले में शामिल न होकर कमेटी द्वारा किए गए फैसले का किसी भी प्रकार से गांव में विरोध करेगा तो महापंचायत में शामिल गांवों के प्रतिनिधि बाबा लदाना गांव का बहिष्कार करने से किसी भी प्रकार से परहेज नहीं करेंगे।
इन लोगों की बनी कमेटी : पूर्व सरपंच गुहणा प्रताप सिह चहल, नराता सैनी गुहणा, मास्टर कृष्ण चंद, पाला राम प्रजापत पूर्व सरपंच, पितांबर राणा, पंडित लज्जा राम, शमशेर सिह सिंघड़, शमशेर सिह लवैच, चंद्रभान, अजमेर सिह, ज्ञान चंद सरंपच, जयभगवान, पाला राम जांगड़ा, पालू राम कश्यप, रोशन पाडला, सतपाल दिल्लोवाली, दीनानाथ शर्मा, बलवान, सुरजीत बैनीवाल, प्रेम सिह, सतपाल सहित अन्य मौजूद रहे।
ये गांव रहे मौजूद : मंगलवार को हुई महापंचायत में करीब 25 गांव के लोगों ने हिस्सा लिया। जिसमें मानस, गुहणा, पाडला, सिरटा, मालखेड़ी, दिल्लोवाली, माघो माजरी, अटैला, धंधरेहड़ी, संगतपुरा, सांघन, बुढा खेड़ा, गढ़ी, बालू, नंद सिह वाला सहित अन्य गांव के लोग शामिल हुए।
क्या है विवाद : गांव बाबा लदाना में स्थित डेरा राजपुरी की गद्दी को लेकर दो महंतों में विवाद चल रहा है। गांव का एक पक्ष महंत प्रेमपुरी व दूसरा महंत दूजपुरी को गद्दी पर बैठाना चाहता है।