एक और पंच ने दिया डीसी को इस्तीफा
- गांव क्योड़क के सरपंच पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का मामला
- कहा- गांव में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले में नहीं की जा रही कार्रवाई, विजिलेंस की जांच भी धूल झोंकने का प्रयास
फोटो संख्या-3
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव क्योड़क में एक और पंचायत सदस्य ने डीसी को अपना इस्तीफा भेजकर इसे मंजूर करने की मांग की है। इस तरह से सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले पंचों की संख्या बढ़कर 20 में से 10 हो गई है। सरपंच द्वारा पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा जा चुका है।
सोमवार को लखनपाल होटल में मीडिया से बातचीत में वार्ड नंबर 15 से पंचायत सदस्य राजकुमार ने कहा कि वे सरपंच द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के कारण अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। इससे पूर्व 9 पंचायत सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। ग्राम सचिव व गांव के सरपंच को बीडीपीओ की जांच में भी 7 हजार से अधिक ब्लॉकों के गलत बिल प्रस्तुत करने का दोषी करार दिया जा चुका है। इसके बावजूद गांव में सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सरपंच, जेई, ग्राम सचिव सहित बीडीपीओ तक इस पूरे मामले में मिले हुए हैं। जिस कारण यहां लगभग 1.20 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया गया है। साथ ही कई अन्य परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार की बू आती है। सरपंच अकेला इतनी गड़बड़ नहीं कर सकता। इसमें जेई, ग्राम सचिव सहित प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं।
सरपंच के खिलाफ आरटीआई से सूचना लेकर शिकायत करने वाले सेठपाल तंवर ने कहा कि विजिलेंस की टीम ने 15 दिन पहले गांव में आकर कहा था कि वे तकनीकी टीम के साथ आएंगे, लेकिन आज तक कोई नहीं आया। इस पूरे मामले में सरपंच के राजनीतिक पहुंच के चलते लीपापोती का प्रयास हो रहा है। यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो गांव से महिलाएं, बच्चों सहित सभी लोग प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंच जाएंगे। उनकी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की जांच सीएम फ्लाइंग टीम द्वारा की जाए। इस अवसर पर उनके साथ पंच प्रतिनिधि देवराज, पंच बलकार, विकास तंवर भी मौजूद थे।