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पौराणिक धरोहरों के अस्तित्व को बनाए रखने का नगरवासियों ने उठाया बीड़ा

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पौराणिक धरोहरों के अस्तित्व बचाने आगे आए लोग
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श्री कपिल मुनि पौराणिक धरोहर संरक्षण समिति के नाम से बनाई संस्था
फोटो नंबर-04
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। पौराणिक महत्ता की धरोहरों की संभाल के लिए नगर के लोग अब सामने आ गए हैं। इस कार्य के लिए समाज के प्रबुद्ध व जागरूक लोगों की लामबंद हुई श्रेणी ने श्री कपिल मुनि पौराणिक धरोहर संरक्षण समिति के नाम से एक संस्था का निर्माण किया है। समिति का संरक्षक भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा व अध्यक्ष राधेश्याम भट्ट को बनाया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष राधेश्याम भट्ट ने कहा कि अनेक ऐसी धरोहर हैं जिनके संरक्षण की और ध्यान न होने के कारण उनका अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। कलायत के श्री कपिल मुनि तीर्थ के दक्षिणी किनारे पर स्थित सदियों पुरानी गुफा देखरेख के अभाव में बिल्कुल बर्बाद होने के कगार पर है। इस गुफा के गर्भगृह की छत तो गिर चुकी है। साथ ही आगे जाने वाले चारों रास्ते भी लगभग बंद हो गए हैं। भट्ट ने बताया कि इस गुफा के इतिहास के बारे में कोई पुख्ता जानकारी तो उपलब्ध नहीं है। लेकिन जनश्रुतियों व लोककथाओं में इस गुफा का संबंध महाभारत काल से जोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि गुफा के बारे में जो जानकारी उन्हें विरासत में मिली है उसके आधार पर गुफा का एक रास्ता गांव सजूमा के शुकदेव मुनि के मंदिर, दूसरा रास्ता मार्कंडेय की जन्मस्थली मटौर, तीसरा रास्ता जींद के रामराय तीर्थ व चौथा रास्ता हंसडेहर स्थित बिंदूसर तीर्थ को जाता था। कलायत कुरुभूमि का पश्चिम दिशा का अंतिम सिरा था और यह भी संभव है कि इस तरह की गुफाओं को महाभारत के युद्ध में छावनी के हेडक्वार्टर के तौर पर प्रयोग किया जाता रहा हो। दीगर बात यह है कि कलायत में पौराणिक काल के अनेक ऐसे स्मारक है जिनमें से कुछ को पुरातत्व विभाग ने अधिग्रहित कर रखा है। लेकिप आज तक इस गुफा की तरफ न तो पुरातत्व विभाग का ध्यान गया और न ही किसी इतिहासविद् ने इस गुफा के रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश की। पुरातनकाल के गुफा रूपी इस हस्ताक्षर पर यदि पुरातत्व विभाग कुछ खोज करे तो निश्चित तौर पर अनेक रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। इसके अलावा हलके में अनेक ऐसी धरोहर हैं जो संभाल न होने के कारण विलुप्त हो रही हैं। उनकी संस्था इन धरोहरों के संरक्षण के लिए ही कार्य करेगी।
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ये बने संस्था के पदाधिकारी : राधेश्याम भट्ट अध्यक्ष, एडवोकेट राजेंद्र कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, धर्मपाल धीमान व बैशाखी राम उपाध्यक्ष, राजेश जैष्ट सचिव, भूपेंद्र पाल कांसल कोषाध्यक्ष, राजीव राणा सहसचिव, रवींद्र धीमान को समिति का प्रचार सचिव बनाया गया है। रवींद्र सूर्यवंशी, कुलदीप मित्तल, रणवीर धानिया, कुलदीप परमार, विशाल शर्मा, सुशील वर्मा व धर्मपाल सहारण को सलाहकार समिति में शामिल किया गया है।
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