500 विद्यार्थियों ने एक साथ पढ़े गीता के 18 श्लोक
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गीता जयंती समारोह के तीसरे दिन भाई उदय सिंह किले के सामने आयोजित सामूहिक श्लोकोच्चारण कार्यक्रम महज 12 मिनट में निपट गया। 500 विद्यार्थियों ने 500 विद्यार्थियों ने एक साथ गीता के 18 श्लोक पढ़े। वहीं 1000 से अधिक कार्ड वितरित किए जाने के बावजूद तीसरे दिन भी पंडाल में दर्शक काफी कम संख्या में पहुंचे। भाजपा नेता व कार्यकर्ता भी गिनती के 8 या 9 रहे होंगे। इसके अलावा किसी पार्षद, सरपंच या अन्य जनप्रतिनिधि ने यहां पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। प्रशासन ने जैसे-तैसे तीसरे दिन के कार्यक्रम को पूरा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली।
गीता जयंती समारोह के तीसरे दिन सुबह के सत्र में सामूहिक श्लोकोच्चारण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 12 बजे का समय निर्धारित किया गया था। विभिन्न स्कूलों के बच्चे समय पर पहुंच गए थे। 12 बजे से 10 मिनट पहले उपायुक्त पहुंचीं। इसके बाद मुख्य अतिथि सुभाष हजवाना कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। उसी समय सामूहिक श्लोकोच्चारण कार्यक्रम शुरू हो गया। करीब 9 से 10 मिनट में ऑडियो के माध्यम से गीता के 18 श्लोकों का उच्चारण हुआ। साथ में बच्चों को थमाई गई बुकलेट में से बच्चों व मौके पर मौजूद अधिकारियों व नेताओं ने भी श्लोक पढ़े। इसके तुरंत बाद कार्यक्रम के समापन का एलान कर दिया गया। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने मुख्य अतिथि सुभाष हजवाना के साथ यहां लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्हें विदाई दे दी गई। मौके पर डीसी सुनीता वर्मा, एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम कमलप्रीत कौर, सीटीएम सुशील कुमार, जीएम रोडवेज रामकुमार, प्रदेश युवा मोर्चा के नेता संदीप कैलरम, भाजपा के वरिष्ठ नेता राव सुरेंद्र सिंह, समाज सेवी प्रो. प्रेम चंद मित्तल, शिव शंकर पाहवा, एडवोकेट दिनेश पाठक, सांघण के सरपंच सरदार सुरजीत सिंह भी मौजूद रहे।
किसी ने नहीं समझाया श्लोकों का अर्थ
पूरे कार्यक्रम में न तो 18 श्लोकों के अर्थ बताने की किसी ने जहमत उठाई, ताकि बच्चों ने जिन श्लोकों का उच्चारण किया है। कम से कम थोड़ा बहुत तो उनके अर्थ उन्हें समझा दिए जाते और न ही किसी अधिकारी ने मंच से इस बारे में जानकारी दी। शायद मुख्य अतिथि महोदय भी संबोधन के लिए कुछ तैयारी करने आए हों। लेकिन उन्हें कार्यक्रम में बुलाना महज औपचारिकता भर दिखीं। उनके पहुंचते ही श्लोकोच्चारण व बाद मेें प्रदर्शनी का अवलोकन। इसके बाद विदाई। कुल मिलाकर उच्चारण संबंधी आयोजन महज 12 मिनट एवं बाद मेें प्रदर्शनी का अवलोकन करीब 20 मिनट में संपन्न हो गया।
लोक संपर्क विभाग को जरूर समझ आ गए श्लोक : आयोजन के दौरान संस्कृत जानने वाले लोगों या फिर पहले गीता पढ़ चुके लोगों को बेशक श्लोक समझ आ गए हों। लेकिन अन्य किसी को श्लोकों का अर्थ समझ नहीं आया। बाद में लोक संपर्क विभाग की विज्ञप्ति में बताया गया कि श्रीमद् भगवद गीता के कर्तव्य निष्ठा, शांति सद्भाव की वैश्विक प्रेरणा का संदेश इन विद्यार्थियों ने सामूहिक श्लोकोच्चारण के माध्यम से संदेश दिया गया। विज्ञप्ति में सभी 18 श्लोकों को संस्कृत में लिखा भी गया है।
फोटो संख्या-16, 17 व 18