ढाई वर्ष में किसानों को 2500 करोड़ रुपये किया गया वितरित : धनखड़
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि देश में हरियाणा ही किसानों के मामले में जोखिम फ्री प्रदेश है। प्रदेश के किसान जहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कवर हैं, वहीं फसल का नुकसान होने पर मुआवजे का भी प्रावधान है। यहां तक की फसल जलने पर भी किसान को 12 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया गया है। पिछले ढाई वर्ष में किसानों को 2500 करोड़ रुपये की राशि मुआवजे के रूप में वितरित की जा चुकी है। धनखड़ वीरवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एडीसी, उप कृषि निदेशकों, जिला उद्यान अधिकारियों के साथ कृषि व उद्यान विभाग की विभिन्न स्कीमों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसानों को सफेद मक्खी के कारण फसलों में हुए नुकसान का भी मुआवजा दिया गया। किसानों की गेहूं और धान की फसल समर्थन मूल्य पर खरीदने के साथ-साथ अन्य फसलों को भी सरकार द्वारा खरीदा गया है। सूरजमुखी, बाजरा, मूंग, सरसों फसल की भी खरीद की गई है। सूरजमुखी की जहां पहले 35 प्रतिशत खरीद होती थी, अब 50 प्रतिशत से भी अधिक मंडियों में खरीदी गई है। हरियाणा में किसानों को गन्ने का देश में सर्वाधिक भाव दिया गया है तथा 320 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ना की खरीद की गई है। राष्ट्रीय कृषि बाजार के साथ 51 मंडियां अभी तक जोड़ी जा चुकी हैं।
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने जिले में कृषि एवं उद्यान की विभिन्न स्कीमों के तहत अब तक हुई प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अभी तक 83 हजार 77 स्वॉयल सैंपल लिए जा चुके हैं। मिट्टी की जांच के लिए शुगर मिल में स्थापित प्रयोगशाला कार्यरत है। इस मौके पर उपकृषि निदेशक डा. महावीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी डा. जगफूल, क्यूसीआई दिनेश शर्मा, एडीओ सज्जन कुमार, एएससीओ अश्वनी शर्मा, एचडीओ बाबू लाल शर्मा उपस्थित रहे।