जारी हुई पहली कट ऑफ, विद्यार्थियों के चेहरे खिले, दाखिले के लिए करनी होगी भागदौड़
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
कॉलेजों में विभिन्न कोर्सों में दाखिले के लिए पहली कट ऑफ वीरवार को जारी हो गई, जिससे बच्चों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन अभी दाखिले के लिए काफी भागदौड़ की जानी है। लड़कों को अपनी फीस कॉलेजों की बजाये बैंक में जमा करवानी होगी। जहां से चालान मिलने के बाद ही कॉलेजों में दाखिला होगा। ऐसे में शुक्रवार को बैंकों में बच्चों की भीड़ उमड़ेगी। वीरवार को कट ऑफ जारी होने के बाद दोपहर बाद तक चालान फार्म अपलोड न होने से बच्चे बैंकों में फीस जमा नहीं करवा पाए। जिस कारण पहले दिन उनका दाखिला नहीं हो पाया।
नए सिस्टम के अनुसार कॉलेजों में दाखिले के लिए इस बार उच्चतर शिक्षा विभाग में ऑनलाइन आवेदन करवाए गए। इसके बाद 5 जुलाई को पहली कट ऑफ जारी होनी थी, लेकिन वीरवार 6 जुलाई को जारी हुई। कट ऑफ जारी होने के बाद ढाई बजे तक चालान फार्म जारी हुआ। इसके बाद बैंकों में न के बराबर ही बच्चों की फीस जमा हो पाई।
अब ये रहेगी प्रक्रिया
उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक जारी किए गए निर्देशानुसार बच्चों का पहली कट ऑफ में जिस कॉलेज में दाखिला हुआ है, उन्हें उस कॉलेज में जाकर अपने कागजात की जांच करवानी होगी। वहां से चालान फार्म लेकर कॉलेज द्वारा बताई गई फीस की राशि बैंक में जमा करवानी होगी। वहां से रसीद मिलने के बाद ही बच्चों का दाखिला होगा। इस तरह से 12 हजार बच्चों को जिले में कॉलेज व बैंकों के चक्कर काटने होंगे। शुक्रवार को दाखिला फीस जमा करवाने के लिए बैंकों में भीड़ उमड़ सकती है। वहीं सूचना यह भी है कि वीरवार देर रात्रि उच्चतर शिक्षा विभाग बच्चों के लिए ऑफलाइन दाखिले की अनुमति दे सकता है। ऐसी स्थिति मेें बच्चों को फीस जमा करवाने के लिए बैंक नहीं जाना पड़ेगा। उनकी फीस कॉलेज में ही जमा हो जाएगी।
यदि ऑफलाइन दाखिले की अनुमति नहीं मिलती है तो बैंकों में ही फीस जमा करवानी होगी। बच्चों को इस बात की जानकारी शुक्रवार को कॉलेज में मिल जाएगी।
दाखिले के लिए दिए 3 दिन, बच्चों को परेशानी
पहली कट ऑफ के अनुसार कॉलेजों में दाखिले के लिए महज 3 दिन का समय दिया गया है। 9 जुलाई तक ही पहली कट ऑफ के अनुसार दाखिला लिया जाएगा। इसके बाद अगली कट ऑफ जारी होगी। चूंकि ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया काफी लंबी है। बच्चों ने 3 की बजाए 5 दिन का समय दिए जाने की मांग की है। छात्रा मोनिका, सपना, छवि, मनीषा ने बताया कि विद्यार्थियों को केवल दाखिले के लिए तीन दिन दिए गए हैं। साइट पर चालान नहीं निकलने के कारण छह जुलाई को भी दाखिला नहीं ले सके हैं। अगर बैंकों में भीड़ अधिक हुई तो विद्यार्थियों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए उन्हें अधिक समय दिया जाना चाहिए था।
वेबसाइट लिंक धीमा, काफी देर बाद चलती है साइट
दाखिले के लिए भटक रहे विद्यार्थियों ने बताया कि वेबसाइट लिंक काफी धीमा है। काफी देर बाद साइट चलती है। कट ऑफ देखने में ही भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालान देखने के लिए सुबह से लेकर ढाई बजे तक इंतजार करना पड़ा।
आरकेएसडी कॉलेज की सबसे ऊंची कट ऑफ
दूसरी ओर पहली कट ऑफ में दाखिले के लिए आरकेएसडी कॉलेज की कट ऑफ सबसे ऊंची रही। यहां मेडिकल में सबसे ऊंची 101.8 प्रतिशत कट ऑफ रही। जिस कारण काफी बच्चों को निराशा हाथ लगी है। वहीं राजकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज में बीएससी कंप्यूटर साइंस में भी 101.8 प्रतिशत कट ऑफ रही।
पहली कट ऑफ जारी होने के बाद अब तक यही निर्देश हैं कि बच्चों को कॉलेज से चालान फार्म लेकर बैंक में राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद कॉलेज में रसीद दिखाने पर दाखिला होगा। उम्मीद यह जताई जा रही है कि वीरवार देर रात्रि उच्चतर शिक्षा विभाग ऑफलाइन दाखिले की अनुमति दे देगा। इसके बाद बच्चों की फीस कॉलेजों में ही जमा हो जाएगी। उन्हें बैंक में नहीं जाना पड़ेगा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय कॉलेज के प्रिंसिपल डा. ऋषिपाल बेदी ने कहा कि कॉलेजों में वैसे तो बैंकों में जाकर चालान के माध्यम से फीस भरने की व्यवस्था है। लेकिन राजकीय कॉलेज में स्वाइप मशीन के साथ कार्ड के माध्यम से फीस जमा किए जाने की व्यवस्था की है। यदि ऑफलाइन दाखिले की अनुमति मिल जाती है तो इसकी भी जरूरत नहीं रहेगी, सीधी कॉलेजों में फीस जमा हो जाएगी।
शेड्यूल पर अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों को परेशानी : एसएफआई
पहली मेरिट लिस्ट लगने के दौरान आरकेएसडी कॉलेज में छात्र-छत्राओं की सहायता हेतु एसएफआई की ओर से स्टूडेंट हेल्प डेस्क लगाई गई। एसएफआई के राज्य उपप्रधान गौरव शर्मा, जिला सचिव मंजीत सिंह और इकाई सचिव सुरेश बाता ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा वीरवार को पहली मेरिट सूची जारी की गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया को शुरू तो कर दिया है। लेकिन शेड्यूल के हिसाब से काफी अनियमितताएं व्याप्त हैं। इस मौके पर यास्मीन, सौम्या, सुरेश, नरेंद्र मौजूद रहे।