कैथल। जिला राजस्व कार्यालय के एनएचएआई भूमि अधिग्रहण से जुड़े बैंक खाते के 6 करोड़ 3 लाख 69 हजार 284 रुपये पिछले करीब ढाई साल से बैंक में अटके हुए हैं। विभाग ने इस राशि को वापस लेने के लिए कई बार पत्राचार किया लेकिन राशि सरकारी खाते में वापस नहीं आई। अब मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद बैंक से जल्द ब्याज सहित पूरी राशि लौटाने का आश्वासन मिला है।
18 दिसंबर 2023 को इंडसइंड बैंक ने एडीजे कैथल के नाम पर 6.03 करोड़ रुपये का बैंक ड्राफ्ट तैयार किया था। बाद में किसी कारणवश यह ड्राफ्ट 1 फरवरी 2024 को रद्द कराने के लिए बैंक में वापस जमा करा दिया गया। विभाग ने बैंक से इसकी रिसीविंग भी प्राप्त कर ली थी। इसके बावजूद ड्राफ्ट रद्द नहीं किया गया और न ही संबंधित राशि सरकारी खाते में वापस जमा हुई। मामले का खुलासा तब हुआ, जब विभाग ने बैंक खाते के स्टेटमेंट का मिलान किया। जांच में सामने आया कि ड्राफ्ट वापस जमा होने के बावजूद 6.03 करोड़ रुपये खाते में क्रेडिट नहीं हुए। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार करीब 23 लाख रुपये की एक अन्य बैंक एंट्री में भी विसंगति सामने आई है जिसकी जांच की जा रही है।
कई बार रिमाइंडर के बाद भी नहीं मिली राशि वापस
सूत्रों के अनुसार विभाग ने इस संबंध में कई बार बैंक को रिमाइंडर भेजे। हाल ही में डीआरओ कार्यालय ने बैंक अधिकारियों को बुलाकर मामले का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि मूल बैंक ड्राफ्ट भी अब बैंक के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि बैंक का दावा है कि पूरी राशि सुरक्षित है।
उनके कार्यभार संभालने से पहले का मामला, राशि सुरक्षित है
इंडसइंड बैंक के शाखा प्रबंधक सुमित पसरीचा ने बताया कि यह पुराना मामला है और उन्होंने वर्ष 2025 में शाखा का कार्यभार संभाला है। बैंक इस प्रकरण का समाधान कर रहा है और नियमानुसार ही आगामी कदम उठाए जाएंगे।
यह एनएचएआई का जीरो बैलेंस खाता है जिसमें भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि रखी जाती है। यह मामला हाल ही में उनके संज्ञान में आया है। बैंक अधिकारियों से बैठक में पूरी बातचीत हो चुकी है और विभाग की पूरी राशि सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार ब्याज सहित पूरी राशि वापस ली जाएगी।
- चंद्रमोहन, जिला राजस्व अधिकारी, कैथल।