Iसंवाद न्यूज एजेंसी
I
Iकैथल। चीका क्षेत्र में प्लाट खरीद-फरोख्त के नाम पर 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
I
Iवार्ड नंबर 4, चीका निवासी शंकर गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी पत्नी रिम्पी के नाम अमर सिटी, चीका में 5 मरले का प्लाट खरीदना चाहता था। इस सिलसिले में उसकी मुलाकात विजय कुमार से हुई, जिसने उसे सस्ते दाम पर प्लाट दिलाने का भरोसा दिया। विजय कुमार ने उसे परमिंद्र कौर नामक महिला का प्लाट दिखाया और सौदा तय कराया।
I
Iशिकायतकर्ता के अनुसार, 23 जनवरी 2025 को दोनों पक्ष तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां स्टाम्प पेपर और रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवा दी गई, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अगले दिन भी यही स्थिति रही। इसके बाद 24 जनवरी को एक इकरारनामा तैयार किया गया, जिसमें 28 फरवरी 2025 तक रजिस्ट्री करने की बात तय हुई।
I
Iइस दौरान उसने आरोपियों को 6 लाख रुपये नकद बयाना के रूप में दे दिए। बाद में जांच करने पर पता चला कि संबंधित प्लाट पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन मामले से जुड़ा हुआ है। इतना ही नहीं, उक्त प्लाट नवंबर 2024 में ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम पंजीकृत हो चुका था और उसका इंतकाल भी दर्ज हो चुका है।
I
Iएएसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव रामनगर (भुना) निवासी परमिंद्र कौर और अमर सिटी, चीका निवासी विजय
I
Iकुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।I
I
I
Iरकम न लौटाने और धमकी देने के आरोप
I
Iशिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार कहने के बावजूद आरोपियों ने न तो रजिस्ट्री करवाई और न ही पैसे लौटाए। उल्टा, पैसे मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी गईं। इस संबंध में पहले पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई थी। जांच के बाद 22 अप्रैल 2026 को थाना चीका में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।I
II
II