फ्लैग- जिले में 1270 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला, दस दिनों से धरना दे रही हैं आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स
हेडिंग- बच्चों को दो दिन से नहीं मिला निवाला
- आंगनबाड़ी केंद्रों की ग्राउंड रिपोर्ट, केंद्र के बाहर से मायूस लौट रहे हैं बच्चे
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिले में 1270 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में काफी संख्या में केंद्रों पर ताला लगने से नौनिहालों को दो दिन से निवाला नहीं मिल पाया है। हालांकि आंगनबाड़ी केंद्रों में अधिकतर राशन अभी खत्म हुआ पड़ा है, लेकिन जो गेहूं व चावल पड़े हैं। दो दिनों से उनसे बनने वाले नमकीन चावल व मीठा दलिया भी नहीं बन पाया है। आंगनबाड़ी वर्कर्स केंद्रों को ताले लगाकर लघु सचिवालय में धरना दे रही हैं।
जिले में 1270 आंगनबाड़ी केंद्र, 8 फरवरी से ही प्रभावित हो रहा है काम, दो दिन से केंद्रों की तालाबंदी : जिले में 1270 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिनमें से अधिकतर में हेल्पर्स व वर्कर्स की 8 फरवरी से चल रही हड़ताल के कारण काम प्रभावित है। लेकिन 20 फरवरी से इन केंद्रों पर ताले लटका दिए गए हैं। वर्कर्स अपनी मांगों को लेकर केंद्रों को बंद करके लघु सचिवालय में धरने पर पहुंच रही हैं। जिससे नन्हें बच्चों को दो दिन से केंद्र से मिलने वाले खाद्य पदार्थ नहीं मिल पाए है।
अधिकतर राशन समाप्त, गेहूं व चावल ही पहुंचा है अभी: इस समय सेंटरों में केवल गेहूं और चावल पड़ा हुआ है। बाकी जो राशन आता था, उसमें मुरमरे, चना, भूना हुआ चना, मूंगफली, रिफाइंड ऑयल, दाल आती थीं। ये काफी समय से नहीं आए हैं। जो राशन है, उससे केंद्रों में मीठा दलिया व नमकीन चावल ही बन पा रहे थे। अब ये भी बंद हो गए हैं। यूनियन नेता मोहिनी सैनी ने बताया कि कई केंद्र ऐसे भी हैं, जहां राशन खत्म हो चुका है। उनके बंद होने व खुलने से बच्चों कोई फर्क नहीं हैं। छह-छह माह से मानदेय नहीं मिला है।
वीरवार को कई आंगनबाड़ी केंद्रों को जांचा गया तो उन पर ताले लटके हुए दिखे। कई जगह खुद वर्कर्स ताले लगाते हुए दिखीं। गांव नंद सिंह खेड़ा, मटौर, नेहरू गार्डन कालोनी, कौलेखां बस्ती, अमरगढ़ गामड़ी, कैथल शहरी में कई केंद्र, सांघन, गढ़ी व पाड़ला सहित कई केंद्रों पर ताले लगे हुए पाए गए।
23 फरवरी तक जारी रहेगी तालाबंद हड़ताल
कैथल। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन ने लघु सचिवालय में बैठक कर रोष जताया। जहां मंच संचालन जिला सचिव मोहनी सैनी ने किया। राज्य उपप्रधान मोहनी ने बताया कि सरकार के पास बेटियों की बात सुनने का भी समय नही है। राज्य महासचिव शकुंतला ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्परों द्वारा लघु सचिवालय से पिहोवा चौक प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आठ फरवरी से वर्कर्स व हेल्पर्स धरने पर थी और 20 फरवरी से 23 फरवरी तक ताला बंद हड़ताल पर है। लेकिन सरकार व विभाग की कान पर जूं नही रेंग रही। 24 फरवरी को राज्यस्तरीय कन्वेंशन में आंदोलन को ओर ज्यादा तेज किया जाएगा। मौके पर अनिता, कुलदीप, रीना, पिंकी, नीलम, रामभतेरी, इंद्रा, सीमा, सुषमा, अंजू, रीना मौजूद रही।
नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया
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कैथल। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन के दूसरे गुट की एक बैठक लघु सचिवालय में हुई। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान कमला दयौरा ने की। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर द्वारा पुलवामा में शहीद हुए जवानों को दो मिनट का मौन धारण करके श्रद्धांजलि दी। सरकार के साथ 10 मार्च को हुए समझौते को लागू करने की मांग की। यूनियन द्वारा एक मांगपत्र मुख्यमंत्री के नाम नायाब तहसीलदार ईश्वर सिंह सौंपा।