कार्यकारी प्राचार्य का प्रभार दूसरे स्कूल के प्राचार्य को दिया तो ग्रामीणों ने किया हंगामा
खरकां के राजकीय स्कूल के कार्यकारी प्राचार्य द्वारा विद्यालय में करवाए गए निर्माण कार्यों की विभाग कर रहा है जांच
बीईओ व डिप्टी डीईओ के समझाने पर शांत हुए ग्रामीण
फोटो नंबर-22
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। राजकीय स्कूल खरकां के कार्यकारी प्राचार्य द्वारा विद्यालय में करवाए गए निर्माण कार्यों की विभाग द्वारा करवाई जा रही है। इस जांच के विरोध में कुछ ग्रामीणों ने कार्यकारी प्राचार्य के पक्ष में स्कूल में पहुंचकर हंगामा किया।
ग्रामीण कार्यकारी प्राचार्य को बदलने के सूचना पर स्कूल में एकत्रित हो गए। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। घटना की जानकारी मिलते ही डिप्टी डीईओ सुदेश सिवाच, खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन शर्मा व गुहला थाना प्रभारी जगबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि कार्यकारी प्राचार्य की बदली नहीं की गई। उसकी जांच चलने के कारण कार्यकारी प्राचार्य का प्रभार दूसरे स्कूल के प्राचार्य को डीडी पावर के रूप में दी गई, ताकि जांच का कार्य निष्पक्ष हो सके। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए डिप्टी डीईओ व खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के सीनियर अध्यापक को डीडी पावर देने को कहा और इसके लिए बीइओ कार्यालय अपनी फाइल जमा करवाने को कहा। विभाग ने कार्यकारी प्राचार्य की चल रही जांच के कारण विद्यालय के प्राचार्य डीडी पावर अन्य विद्यालय के प्राचार्य को दे दी है। जबकि कुछ ग्रामीण इस हंगामे को जांच को प्रभावित करने के लिए एक सोची समझी चाल का एक हिस्सा बता रहे हैं। विद्यालय में करवाए गए कार्य सभी नियमों को ताक पर रखकर किए जाने का आरोप है और भारी धांधली होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीण वहां से चले गए।
यह है स्कूल के हालात : राजकीय स्कूल खरकां में करीब 55 लाख रुपये के अलावा अन्य फंडों से लाखों रुपये की राशि खर्च करने के बावजूद भी वीरवार सुबह हुई बारिश ने कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। स्कूल में चारों और पानी ही जमा था और खेल मैदान का बुरा हाल था।
ये कहते हैं ग्रामीण : ग्रामीण महेंद्र सिंह, भजन, चन्ना राम, गुरमीत, ओमप्रकाश, पूर्ण राम, रवि राम, नैना राम, सुखा राम, मीता राम, बिन्दर राम ने बताया कि कार्यकारी प्राचार्य ने सतबीर ने स्कूल में शिक्षा स्तर व भवन में काफी सुधार किया है इसलिए उसकी बदली नही होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना था कार्यकारी प्राचार्य वही रहना चाहिए लेकिन उन्हें अधिकारियों की बात समझ में आ गई है।
हलका गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि जिस भी कार्य के लिए राशि आती है व ईमानदारी से लगनी चाहिए। अगर विभाग को कुछ खामियां दिखाई दे रही है तो उसकी जांच होनी चाहिए अगर आरोपी सही है तो उसे जांच में जांच कमेटी का सहयोग करना चाहिए न की जांच से बचने के लिए दबाव बनाना चाहिए।