अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
मार्केटिंग बोर्ड व आढ़तियों के बीच आपसी तालमेल कहें या फिर मिलीभगत। इसके बीच में किसान पिस रहा है। सरकार द्वारा लागू की गई भावांतर भरपाई योजना के लिए फसल बेचने पर किसान को मंडी से जे फार्म लिया जाना जरूरी है। लेकिन आढ़तियों का कहना है कि इस बारे में उनके पास कोई आदेश नहीं आए हैं। जबकि मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से निर्देश जारी हो चुके हैं। यदि आढ़ती जे फार्म नहीं देते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विदित रहे कि अमर उजाला द्वारा 16 मार्च के अंक में किसानों की पीड़ा को उजागर किया है। सरकार ने टमाटर के लिए 4 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया है। इससे कम भाव मिलने पर किसान को कम कीमत की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। लेकिन यह भरपाई तभी होगी, जब किसान के पास जे फार्म होगा। पिछले कई दिनों ने सब्जी मंडी में टमाटर की फसल बिना जे फार्म के ही बिक रही है। कई किसानों को 4 व इससे ऊपर की कीमत मिल रही है। लेकिन कई ऐसे हैं, जिन्हें यह कीमत नहीं मिल रही। ऐसे में इन किसानों के लिए नुकसान की भरपाई नई योजना के तहत नहीं हो पाएगी।
शनिवार को फिर इस संबंध में बात करने पर सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मुकंद कालड़ा ने कहा कि शनिवार दोपहर को उनकी मार्केट कमेटी सचिव से बात हुई है। जिसमें उन्हें बता दिया गया है कि अभी तक आढ़तियों को जे फार्म के संबंध में नोटिफिकेशन की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। पिछले सप्ताह एक बैठक में मौखिक तौर पर कहा गया था कि जे फार्म दे दिए जाएं। जबकि इन्हें आढ़ती एकदम से लागू नहीं कर सकते। उन्हें अपनी-अपनी फर्म के जे फार्म प्रकाशित करवाने पड़ेेंगे। 1 अप्रैल से जे फार्म देने की हामी भरी गई थी। अधिकारी एकदम से जे फार्म देने की बात कर रहे हैं।
किसान मौखिक या लिखित शिकायत दें, विभाग दिलवाएगा जे फार्म : मार्केट कमेटी सचिव मनजीत सिंह का कहना है कि मुख्यालय से आदेश आ चुके हैं। यदि किसान को जे फार्म प्राप्त नहीं होता है तो वह संबंधित फर्म के बारे में लिखित या मौखिक तौर पर शिकायत दें, उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। किसान को जे फार्म मुहैया करवाया जाएगा।
अमर उजाला में खबर छपने के बाद रजिस्टर पर करवाए आढ़तियों के हस्ताक्षर, नोटिफिकेशन अभी भी नहीं दिया : अमर उजाला में शनिवार को जे फार्म ना मिलने संबंधी किसानों की समस्या को लेकर समाचार छपने के बाद दोपहर को मार्केट कमेटी का एक कर्मचारी एक रजिस्टर में आढ़तियों के हस्ताक्षर करवाकर ले गया। जिसमें कहा गया है कि उन्हें भावांतर योजना के तहत जे फार्म देने होंगे। जबकि कई आढ़तियों को यह भी नहीं पता कि उनसे अब हस्ताक्षर क्यों करवाए गए। कई आढ़ती हस्ताक्षर किए बिना रह भी गए। प्रधान मुकुंद कालड़ा ने कहा कि रजिस्टर में हस्ताक्षर जरूर करवाए लिए गए हैं। लेकिन नोटिफिकेशन अभी भी नहीं दिया गया।
मार्केटिंग बोर्ड व आढ़तियों के बीच फंसे किसान
बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि जे फार्म के संबंध में निर्देश जारी हो चुके हैं
आढ़ती एसोसिएशन का जवाब-शनिवार दोपहर तक भी प्राप्त नहीं हुई नोटिफिकेशन की प्रति
किसानों को सब्जी मंडी में नहीं मिल रहे जे फार्म
जे फार्म के बिना नहीं मिल सकता भावांतर भरपाई योजना का लाभ
फोटो संख्या-10