बसों और ट्रेनों के न चलने से लोग परेशान
दूसरे शहरों में भी फंसे हुए हैं जिले से भारी संख्या में लोग
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पिछले चार दिन से रोडवेज बस न चलने के कारण शहर वासी काफी परेशान है। 24 अगस्त से प्रदेश भर की बसों का चक्का जाम है। व्यापारी, विद्यार्थी, कर्मचारी सभी घरों में बैठे है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर के आने वाले फैसले को लेकर 24 अगस्त को प्रदेश सरकार ने बसों को बंद कर दिया था। जिसके बाद से बसें नहीं चली है। 24 अगस्त के बाद जो लोग अपने रिश्तेदारों के घर गए थे, वह वहीं पर अटके हुए हैं। सोमवार की सुबह बस स्टैंड पर पहुंचे रामनिवास, अशोक कुमार, जगदीश अजीत सिंह, राजेश, मुकेश ने बताया कि चार दिन से बस न चलने के कारण उनको काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रतिदिन की सुबह वह बस स्टैंड पर आते है लेकिन कोई भी बस न चलने के कारण वह निराश होकर लौट जाते हैं। व्यापारी अशोक कुमार सैनी ने बताया कि उनको काम के सिलसिले में पटियाला जाना था। पिछले चार दिन से बस नहीं चल रही है। जिसके कारण वह पटियाला नहीं जा सके है।
प्रतिदिन करीब 14 लाख रुपये का नुकसान
रोडवेज को प्रतिदिन 12 से 14 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले चार दिन से रोडवेज बसें बंद पड़ी है। जिसके कारण रोडवेज को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
इसी तरह से ट्रेनों के बंद होने के कारण लोग परेशान हैं। दिल्ली से करनाल तक पहुंचे सीवन निवासी कमल कुमार ने कहा कि उसे घर से जरूरी कागजात मंगवाने थे। बसों व ट्रेनों के न चलने के कारण उसे अपने भाई को बाइक पर करनाल बुलाना पड़ा। तब जाकर उसे सोमवार को कागजात प्राप्त हुए हैं। अब वह निजी वाहनों का सहारा लेकर दिल्ली जाएगा।
मेहमान हैं कि कैसे जाएं
एक व्यक्ति ने बताया कि चार दिन पहले उसके घर मेहमान आए थे। बसें व ट्रेनों के ना चलने के कारण वे घर से नहीं जा पा रहे हैं। मेहमान खुद परेशान हैं कि वे कैसे यहां से निकलें। अब पता नहीं कब बसें व ट्रेन चल पाएंगी।
अभी तक नहीं आई कोई सूचना
रोडवेज के जीएम रामकुमार ने बताया कि अभी तक उनके पास बस चलाने के बारे में कोई सूचना नहीं आई है। जैसे ही कोई आदेश आते है तो बसें चला दी जाएगी।
स्टेशन मास्टर रणधीर शर्मा का कहना है कि अभी ट्रेनें चलाए जाने की उनके पास कोई सूचना नहीं हैं। जैसे ही आदेश आएंगे, उसी अनुसार ट्रेनों चल सकेंगी।