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आखिर कब पहुंचाओगे स्कूलों में पुस्तकें सीएम साहब...

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आखिर कब पहुंचाओगे स्कूलों में पुस्तकें सीएम साहब
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल, कलायत। नए शैक्षणिक सत्र को शुरू हुए साढ़े 3 माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक भी काफी संख्या में ऐसे स्कूल ऐसे हैं, जहां पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। बच्चे मुख्यमंत्री से सवाल कर रहे हैं किआखिर सीएम साहब कब पहुंचाओगे स्कूलों में पुस्तकें। कई स्कूलों में पहली, चौथी व 5वीं कक्षाओं की किताबों के अभाव में बच्चे खाली बैठने को मजबूर हैं।
ग्रीष्मावकाश जब समाप्त होने को आया तो उस समय विभागीय अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा था कि पहली जुलाई को हर बच्चे के हाथ में पुस्तकें होगी। इस बात को ध्यान में रखते ही खंड स्तर पर तैनात अधिकारी ने सभी स्कूलों के मुखिया को संपर्क में रहने के निर्देश जारी किए थे ताकि जैसे ही किताबें पहुंचे उन्हें स्कूल में उतरवाया जा सके। अब जबकि इस बात को भी 3 सप्ताह होने का आ गए है मगर आज भी बच्चे बिना किताबों के ही स्कूलों में आ रहे है। अभिभावकों का कहना है कि जब सरकार द्वारा गत शैक्षणिक सत्र की छात्र संख्या पहले ही ले ली जाती है तो फिर शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साढ़े 3 माह बाद भी बच्चों को किताबें क्यों नहीं मिली।
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विभाग नहीं दे सका किताबें तो शुरू कर दिया कैचअप प्रोग्राम- स्कूल के अध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो महीने तक चलने वाले कैचअप प्रोग्राम का शुरू करने का पीछे सरकार की किताबें न होना था। जब सरकार किताबें नहीं पहुंचा सकती तो अपनी कमी का छुपाने के लिए कैचअप प्रोग्राम शुरू कर दिया ओर दो महीने तक इसी में लगाए रखा। लेकिन इसके बाद भी एक महीना ओर बीत जाने के बाद विद्यार्थियों की किताबें स्कूलों में नहीं पहुंची है।
कक्षा सातवीं की पंजाबी की पुस्तकें व छठी की होम साइंस की नहीं है पुस्तकें-अभी तक जिले स्कूलों में पंजाबी के विद्यार्थियों को पुस्तकें नहीं मिली है। राजकीय कन्या स्कूल में सातवीं की कक्षा की करीब 50 छात्राएं पुस्तकों के बिना बैठी है। इसके अलावा छठी कक्षा की काफी छात्राओं को होम साइंस की पुस्तकें नहीं मिली है। पंजाबी की छात्रा आसू, मनीषा, वीरकौर, खुशबू, पूनम, भावना, अनुष्का ने बताया कि उनको अभी तक पंजाबी की पुस्तकें नहीं मिली है। जबकि उनका 24 जुलाई से परीक्षाएं शुरू होने जा रही है। ऐसे में परीक्षाओं की तैयारी कैसे संभव है।
24 जुलाई को होनी विद्यार्थियों की मासिक परीक्षा:-शिक्षा विभाग द्वारा पहली से 8वीं कक्षा में शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा लेने का प्रावधान भी किया हुआ है ताकि बच्चों के शैक्षणिक स्तर का पता चल सके। अब जबकि स्कूलों में किताबें पहुंची ही नहीं वहीं शिक्षा विभाग ने माध्यमिक स्तर की परीक्षा लेने के लिए 24 जुलाई निर्धारित की हुई है। अभिभावकों का कहना है कि बिना पुस्तकों के परीक्षा लेने का औचित्य ही क्या है। जब बच्चों ने कुछ सीखा ही नहीं तो वे परीक्षा में लिखकर भी क्या आएंगे।
स्कूलों में किताबें न पहुंचने का मामला अधिकारियों के है संज्ञान-बीईओ
खंड शिक्षा अधिकारी महेश चंद ने बताया कि प्राइमरी विंग की जिन कक्षाओं की किताबें अभी स्कूलों में नहीं पहुंची उसकी सारी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। 24 जुलाई को किस प्रकार से परीक्षा लेनी है तथा किन कक्षाओं की परीक्षा ली जानी है अभी इस बारे समुचित जानकारी उनके संज्ञान में नहीं आई है। जो भी विभागीय निर्देश होंगे उनकी पूरी तरह से अनुपालन किया जाएगा।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि कक्षा पहली, चौथी व पांचवीं की पुस्तकें अभी तक नहीं आई है। पुरानी पुस्तकों से काम चलाया जा रहा है। पुस्तकें न पहुंचने के बारे में विभाग को सूचित कर दिया है। जल्द ही पुस्तकें आने की उम्मीद है। उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिए है 24 जुलाई से शुरू होने वाली परीक्षाओं में केवल उसकी ही परीक्षा ले जो केवल पढ़ाया गया है।
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