कैथल। हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बड़ी राहत दी है। सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1.11 लाख रुपये की एकमुश्त छात्रवृत्ति दी जाएगी। राज्यभर के 547 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनमें कैथल के 47 छात्र शामिल हैं। इन विद्यार्थियों को कुल 52 लाख 17 हजार रुपये जारी किए जाएंगे।
प्रदेश में इस योजना से सबसे अधिक लाभ हिसार के 81 छात्रों को मिलेगा। इस छात्रवृत्ति योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 18 दिसंबर थी। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के पात्र छात्रों की सूची तैयार कर जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज दी है। कुल 6 करोड़ 7 लाख 17 हजार रुपये राज्यभर के 547 मेधावी छात्रों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार सभी छात्रों के बैंक खाते आधार से लिंक होना अनिवार्य है ताकि राशि सीधे खातों में भेजी जा सके। विभाग मुख्यालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को छात्रों की बैंक डिटेल और दस्तावेज तुरंत भेजने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि छात्रवृत्ति वितरण में विलंब न हो।
जिलावार पात्र विद्यार्थी व राशि
(चयनित छात्र-राशि) -
कैथल : 47 - 52,17,000
हिसार : 81 - 89,91,000
जींद : 61 - 67,71,000
झज्जर : 13 - 14,43,000
गुरुग्राम : 19 - 21,00,000
चरखी दादरी : 12 - 13,32,000
फरीदाबाद : 03 - 3,33,000
फतेहाबाद : 74 - 82,14,000
अम्बाला : 14 - 15,54,000
भिवानी : 26 - 28,86,000
सोनीपत : 13 - 14,43,000
करनाल : 25 - 27,75,000
महेन्द्रगढ़ : 10 - 11,10,000
कुरुक्षेत्र : 22 - 24,42,000
नूँह : 01 - 1,11,000
पलवल : 01 - 1,11,000
पंचकूला : 01 - 1,11,000
पानीपत : 24 - 26,64,000
रोहतक : 17 - 18,87,000
रेवाड़ी : 13 - 14,43,000
सिरसा : 56 - 62,16,000
यमुनानगर : 14 - 15,54,000
वर्जन
यह वन-टाइम स्कॉलरशिप योजना एससी वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण पहल है। छात्र इस राशि का उपयोग उच्च शिक्षा, कॉलेज फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक जरूरतों पर कर सकेंगे। छतर पाल, जिला गणित विशेषज्ञ कैथल
डेटा भेजने की सीमा कम समय : कृष्ण
अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए घोषित एकमुश्त छात्रवृत्ति योजना को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण जमालपुर ने कहा कि डेटा भेजने के लिए सरकार द्वारा दी गई समय सीमा बेहद कम है, जिसके कारण ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्र इस योजना से वंचित हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को पत्र जारी हुआ और 18 दिसंबर तक डेटा मांगा गया, जो लगभग असंभव है। बैंक पासबुक सत्यापन, दस्तावेजों का संग्रह और जिला स्तर पर डेटा संकलन के लिए अधिक समय की जरूरत होती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आवेदन और सत्यापन की तिथि कम से कम एक माह बढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र छात्र लाभ प्राप्त कर सकें।