कैथल। डीसी अपराजिता ने कहा कि धान की सीधी बिजाई करने पर सरकार की ओर से 4500 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जा रहा है। इस वर्ष कैथल में 15000 एकड़ में सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे डीएसआर विधि से धान की बिजाई करें। डीसी ने बताया कि कृषि व किसान कल्याण विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र किसानों को लाभ प्रदान किया जा रहा है जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनका खर्च भी कम करना है।
सरकार की ओर से धान की सीधी बिजाई अपनाने वाले किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। डीएसआर मशीन खरीदने पर सरकार की ओर से 40 हजार तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। कृषि व किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र हुड्डा ने कहा कि धान रोपाई का सीजन शुरू होने वाला है, इसलिए किसान परंपरागत खेती की तुलना में धान की सीधी बिजाई तकनीक अपनाएं। इससे सरकार की ओर से आपके सीधे खाते में 4500 रुपये डाले जाएंगे, वहीं पानी की बचत होगी, जो जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस विधि में धान की बिजाई होने के कारण पौधों को पर्याप्त हवा और रोशनी मिलती है जिससे आगे चलकर फसल के गिरने का जोखिम बेहद कम हो जाता है।
उप-निदेशक ने कहा कि किसानों को डीएसआर के लिए अत्याधुनिक कृषि यंत्र पर भी भारी अनुदान सरकार की ओर से दिया जा रहा है। इच्छुक किसान मशीन के कुल मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करवाना, ट्रैक्टर की वैध आरसी, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड आदि दस्तावेज की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि धान की सीधी बिजाई पर अनुदान के लिए किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें।