कैथल। बिजली निगम द्वारा कम बिजली खपत करने वाली एलईडी बल्ब देने की योजना के तहत निगम में काउंटर न होने से उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनी है। सरकार द्वारा चलाई गई इस योजना के तहत निगम के उपभोक्ताओं को जो एलईडी बेची थी वो तीन साल की गारंटी के साथ थी, जिसके खराब होने पर उन्हें बदलना था। लेकिन निगम के कार्यालय में स्थापित किया गया एलईडी बल्ब का काउंटर पिछले छह महीने से बंद है। जिससे यहां पर खराब हुए एलईडी बल्ब को बदलवाने के लिए आ रहे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां पर काउंटर न होने से उपभोक्ता न तो नई एलईडी बल्ब खरीद पा रहे हैं और न ही खराब हुए एलईडी बल्ब बदलवा पा रहे है।
एलईडी बल्ब बदलवाने के लिए दर्शन सिंह, रामफल, सतीश व अमन ने बताया कि वह करीब छह महीने पहले यहां पर स्थापित काउंटर से एलईडी बल्ब लेकर गए थे। जो तीन महीने बाद खराब हो गए। लेकिन बल्ब को बदलवाने के लिए पिछले तीन महीने से चक्कर काट रहे हैं। यहां पर बल्ब नहीं बदले जा सके हैं।
सस्ते दामों पर बेचे गए थे एलईडी बल्ब :-
बिजली निगम के साथ हुए करार के अनुसार इस कंपनी ने उपभोक्ताओं को 70 रुपये की दर से बल्ब बेचे थे। मार्केट रेट इस बल्ब का 120 रुपये बताया गया था। लोगों ने उस समय ये बल्ब खरीद तो लिए। लेकिन गारंटी दिए जाने के बावजूद अब यहां कोई बल्ब नहीं बदले जा रहे। जिस कारण लोग चक्कर काटने पर मजबूर हैं।
स्टॉक आने पर बदली जाएगी :-
वहीं बिजली निगम के एसई बलजीत सिंह रंगा ने बताया कि जो कंपनी एलईडी बल्ब निगम के कार्यालय में स्थित काउंटर पर स्टोक बेचती थी। उस कंपनी के पास पिछले कई महीने से स्टॉक खत्म हो गया है। जैसे ही स्टॉक आएगा तो यहां पर एलईडी बल्ब का काउंटर लगा दिया जाएगा।