कैथल। 134ए की परीक्षा पास करने के करीब एक महीने के बाद शिक्षा विभाग ने मेधावी बच्चों को बुधवार को ऑनलाइन स्कूल अलॉट कर दिए। विभाग ने स्कूल अलॉट होने की सूची बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल पर भेज दी। अब शिक्षा विभाग 11 मई को स्कूल में दाखिला दिलवाएगा। लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने विभाग द्वारा स्कूल अलॉट होने की सूची की कोई जानकारी न होने की बात कही है। जिससे अभिभावक व बच्चों के मन में दाखिले को लेकर संशय पैदा हो गया है।
अभिभावक अमरीक सिंह, सोनू, होशियार, पवन, ईश्वर, मोनू, सुनील ने बताया कि यह हमारे लिए काफी खुशी की बात है कि शिक्षा विभाग ने एक लंबा इंतजार करवाने के बाद स्कूल अलॉट कर सूची जारी की है। लेकिन विभाग दाखिला दिलाने में देरी पर देरी कर रहा है। जिससे अभिभावकों को दस दिन का और इंतजार करना पड़ेगा। जिससे काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
जिले में करीब 4000 बच्चों ने पास कर ली है परीक्षा : बता दें कि जिले में करीब चार हजार बच्चों ने 134ए के तहत परीक्षा पास की है। जो पिछले करीब एक महीने से निजी स्कूलों में दाखिले का इंतजार कर रहे है।
लिखित में शिकायत सौंपे अभिभावक : जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह ने कहा कि यदि कोई स्कूल अभिभावकों को परेशान कर रहा है तो वह इस संबंध में लिखित शिकायत उन्हें सौंपे। उन्होंने कहा कि शिकायत में दाखिला लेने वाले बच्चे के साथ उस स्कूल का नाम अंकित जाए जो प्रवेश देने से मना कर रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी ताकि प्रवेश दिलाने के लिए आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
शिक्षा विभाग को निजी स्कूलों की माननी चाहिए बात : निजी स्कूल एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश मुंजाल ने कहा वे इस संबंध में अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रवेश देने से मना नहीं कर रहा बल्कि सरकार व शिक्षा विभाग ही अपनी कही बातों से पीछे हट रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रख सरकार व शिक्षा विभाग को निजी स्कूल एसोसिएशन से बात कर समझौता करना चाहिए ताकि सभी कुछ सही प्रकार से चले।
निजी स्कूल संचालकों ने किया दाखिला देने से इनकार : वहीं कलायत में 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नही ले रही। आवेदन जमा करवाने से लेकर स्कूल की अलाटमेंट में शिक्षा विभाग ने एक माह का समय निकाल दिया। सुबह जब अभिभावक अलॉट किए गए स्कूल में बच्चे का दाखिला करवाने गए तो निजी स्कूलों ने इन बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया। स्कूल संचालकों का कहना था कि जब तक सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों की मांग पूरी नहीं की जाती तब तक किसी भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश न दिए जाने की शिकायत लेकर अभिभावक व बच्चे खंड शिक्षा अधिकारी परनीता मधोक के पास पहुंचे। प्रमोद कांसल कलायत मंडी सहित राजेंद्र सजूमा, राजेश सजूमा, काजल, किंजल, शुभम बात्ता, तुषार, सौरव, विकास, स्नेहा, बलदेव सिंह कैलरम व विरेंद्र दुब्बल ने कहा कि सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा पात्र बच्चों व अभिभावकों के साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है।