घग्गर पार के दर्जनों गांवों में बाढ़ के हालात, सुबह 22.5 फुट से ऊपर पहुंचा जलस्तर
सिहाली, रत्ताखेड़ा सहित कई गांवों की सडक़ों के ऊपर से बह रहा है पानी
सूचना मिलते ही डीसी सहित आला अधिकारी पहुंचे ज्यादा प्रभावित इलाकों में
फोटो संख्या-31 से 37
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। हर चार से पांच साल बाद गुहला-चीका क्षेत्र में बाढ़ से तबाही मचाने वाली घग्गर नदी एक बार फिर उफान पर है। बुधवार रात 22 फुट पर पहुंचने के बाद घग्गर नदी का जलस्तर वीरवार शाम तक 22 फुट के आस-पास रहा। जिस कारण घग्गर पार के कई गांवों के खेतों में तो कम से कम बाढ़ के हालात बने हुए हैं। वहीं सिहाली, रत्ताखेड़ा सहित कई गांवों की सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। वीरवार सुबह स्कूल जाने के लिए विद्यार्थियों को पानी से ही गुजरना पड़ा। राहत की बात यह है कि वीरवार शाम तक पानी का लेवल कुछ प्वाइंट कम होकर 21.4 फुट पर आ गया। रात्रि में जलस्तर में कमी आने की संभावनाएं हैं।
पहाड़ी क्षेत्र में हुई तीन-चार दिनों तक लगातार बारिश व चंडीगढ़, पटियाला सहित कई जगहों से घग्गर में छोड़े गए पानी से पिछले दो दिनों से घग्गर नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार रात को यह 22 फुट था। रात्रि में यह 22 फुट को भी पार कर गया। दिन में 22.4 फुट से भी ऊपर पहुंच गया था। पानी की इतनी मात्रा के कारण सिहाली व रत्ताखेड़ा की ओर जाने वाली सड़क पानी में डूब गई। सुबह जब लोग दिनचर्या के कामों के लिए निकले तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
खेतों में भारी नुकसान : किसानों ने बताया कि घग्गर के पानी के कारण खेतों में खड़ी फसल डूब गई है। जो फसल पूरी तरह से पकी हुई थी, उसमें नुकसान हुआ है। जिससे उनका भारी नुकसान हुआ है। यदि पानी जल्दी नहीं उतरा तो धान की पछेती फसल में भी भारी नुकसान होगा।
सूचना मिलते ही डीसी पहुंचे घग्गर निकटवर्ती गांवों में, निर्देश जारी किए : डीसी धर्मवीर सिंह ने वीरवार को घग्गर नदी के नजदीक पड़ने वाले बाढ़ संभावित क्षेत्र शशी ब्राह्मणा, बाउपुर, ककराला, भूसला, रत्ता खेड़ा, सिहाली गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को 24 घंटे नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। डीसी ने क्षेत्र का अवलोकन करते हुए कहा कि घग्गर नदी में बरसात रुकने से जल स्तर कम हो रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कुछ क्षेत्रों में रात के समय कटाव होने से पानी गया था, जो कि जलस्तर कम होने से कम हो चुका है। आबादी वाले क्षेत्र में किसी भी प्रकार से पानी पहुंचने की संभावना नहीं है। घग्गर नदी का जल स्तर खतरे के निशान से कम है, फिर भी सावधानी के लिए दिन रात अधिकारियों एव कर्मचारियों की ड्यूटी घग्गर नदी के आस-पास के क्षेत्र में लगाई गई है।
फसलों के नुकसान का आंकलन होगा : जिन किसानों के खेतों में पानी आ जाने से फसल का नुकसान हुआ है, उन सभी का आंकलन किया जाएगा। किसानों की मांग पर डीसी ने पंजाब बॉर्डर के सिहाली से बुढ़नपुर के पानी के निकासी के बंद हुए बरसाती नाले की निशानदेही करवाने के आदेश दिए। एसडीएम संजय कुमार, डीएसपी जोगेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आर.एस. मित्तल, एक्सईन प्रशांत, तहसीलदार जगदीश चंद्र, अंग्रेज सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शब्द दयाल ने कहा कि वीरवार शाम को घग्गर का जलस्तर कम होकर 21.4 फुट रह गया है। पीछे बारिश भी रुकी हुई है। इसलिए उम्मीद है कि रात को यह पानी ओर कम होगा। दो-तीन गांवों को जा रही सड़क पर पानी जरूर था, लेकिन अभी यह आबादी से दूर है। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं।