शहर में फैला है स्मैक व ड्रग्स का कारोबार, बिखरे पड़े मिले रैपर और नशे के इंजेक्शन
अमर उजाला टीम ने की पड़ताल तो शहर में प्रत्येक कोने में मिले नशे के निशान
नसीब सैनी
कैथल। जिले में गुहला-चीका क्षेत्र में फैले नशे के कारोबार जनता उठ खड़ी हुई तो कुछ हद तक बात संभली है। लेकिन, जिला मुख्यालय कैथल शहर में ही नशे का कारोबार सरेआम फल-फूल रहा है। शहर में पुलिस की अनदेखी का ही परिणाम है कि मुख्य चौक-चौराहों के अलावा शहर की कई सुनसान जगहों को नशेड़ियों ने अपना अड्डा बनाया हुआ है। जहां वे दिन रात बिना किसी डर के स्मैक, नशीले इंजेक्शन व दूसरे माध्यमों से नशा करते हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को शहर में पड़ताल की तो प्रत्येक कोने में नशा करने के निशान मिले।
1. खुराना रोड पर सुनसान जगह पर युवक इंजेक्शनों के माध्यम से नशा लेते हैं। यहां के निवासी गौरव शर्मा ने बताया कि दुकानों के पीछे कूड़े में पड़े इंजेक्शनों से इस बात का पता चलता है कि यहां युवक नशा करते हैं। इसके अलावा रैपर भी यहां खूब पड़े रहते हैं।
2. खाली पड़ी मीट मार्केट बनी है बड़ा ठिकाना : जिला जेल के पीछे व बाबा लदाना रोड के बीच में बनाई गई मीट मार्केट नशेड़ियों के लिए सबसे मुफीद जगह बनी हुई है। यहां पर नशेड़ी बिना किसी रोक टोक के अपने-अपने बांट लिए गए कमरों (खाली पड़ी दुकानों) में बेंच अनुसार बैठकर स्मैक पीते हैं। यहां बिखरे पड़े रेपर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि नशेड़ियों को किसी प्रकार का डर नहीं है। पड़ोस में ही रहने वाले एहसान ने कहा कि यहां रात 12 बजे तक भी युवकों के झुंड आते-जाते रहते हैं। दिन में न जाने कितनी बार यहां से युवा बैठकर जाते हैं। एक महिला ने कहा कि कई बार युवक महिलाओं से गाली-गलौच भी करते हैं।
दर्शन अकादमी के पीछे खाली पड़ी जगह में बनाया है ठिकाना : प्रताप गेट पर दर्शन अकादमी के पीछे निर्माणाधीन खाली पड़ी जगह में पड़े स्मैक पीने के बाद पड़े रैपर देखकर हैरानी हुई। यहां के निवासी युवक ने बताया कि इस छोटी सी जगह में युवक भीषण गर्मी के बीच बैठकर स्मैक पीते हैं। इन्हें कोई नहीं रोकता। इस जगह में भारी मात्रा में रैपर व नशे का अन्य सामान पड़ा हुआ था।
चंदाना गेट पर खाली पड़ी धर्मशालाओं में पीते हैं स्मैक व इंजेक्शन भी लगाते हैं : चंदाना गेट से पार्षद वीरेंद्र बिल्लू ने बताया कि चंदाना गेट पर कई धर्मशालाएं खाली पड़ी हैं। इसके अलावा कई अन्य ठिकाने भी नशेड़ियों ने बनाए हुए हैं। जहां बैठकर आवारा किस्म के युवा स्मैक व दूसरे नशे करते हैं। इस बारे में डीएसपी को भी सूचना दी गई थी। अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
नए बस अड्डे व करनाल रोड बाईपास चौक के बीच में खाली पड़ी बिल्डिंग का इस्तेमाल : शहर में सबसे बड़ा ठिकाना नया बस अड्डा व करनाल रोड बाईपास के बीच में एक खाली पड़ी बिल्डिंग नशेड़ियों के लिए स्वर्ग बनी हुई है। इसे अवैध निर्माण के चलते प्रशासन ने ऊपरी हिस्से को गिरवा दिया था। इसके बाद इसके अंदर जाने का रास्ता छोटा सा है। लेकिन जब अंदर जाकर देखा गया तो नजारा ही कुछ और था। यहां बनाई गई बेसमेंट में बैठकर नशेड़ी बड़े आराम से इंजेक्शन लगाते हैं। यहां बिखरे नशीले इंजेक्शन, सीरिंज खोखली होती युवा पीढ़ी की गवाही दे रहे हैं। स्मैक पीने के बाद बिखरे रैपरों की मात्रा तो यहां इतनी है कि मानों कई किलो स्मैक युवा यहां बैठकर पी चुके होंगे।
बेहोशी वाले इंजेक्शन लगाते हैं युवा : बस अड्डे के निकट सुनसान बिल्डिंग की बेसमेंट में एक युवक मिला। जो बीड़ी में गांजा भरकर पी रहा था। पड़ोस के ही एक गांव से आए इस युवक ने बताया कि वह स्मैक आदि तो नहीं पीता, लेकिन गांजा जरूर पीता है। इसकी रेलवे ओवर ब्रिज के आसपास के क्षेत्र से 50 रुपये में मिलती है। इसके अलावा यहां युवक ऑपरेशन में बेहोश किए जाने वाला इंजेक्शन लगाने के लिए आते हैं।
रेलवे स्टेशन के आसपास का इलाका : रेलवे स्टेशन के आसपास अवैध खुर्दों की भरमार तो है ही, साथ में कई जगह स्मैक व दूसरे नशे यहां तो बेचे तक जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि नशा बेचने वाले कई लोग इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। जहां से पूरे शहर में नशे की खेप भेजी जाती है।
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नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई जा रही है। जहां भी पता चलता है, वहां जाकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। यदि शहर में भी कई ठिकाने हैं तो पता लगाया जाएगा कि यहां कौन लोग आते-जाते हैं। विशेष टीम बनाकर जांच करवाई जाएगी।
-आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक
फोटो संख्या-3 से 12