पहली संतान के रूप में लक्ष्मी पाकर कमांडो ने बांटी मिठाई, बुजुर्गों का किया सम्मान, जरूरतमंदों को दी सहायता
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस कर्मचारी की पत्नी ने मंगलवार को जब बेटी को जन्म दिया तो कमांडो सुनील सिरोही ने खूब जश्न मनाया। उसने अस्पताल में जहां मिठाईयां बांटीं, वहीं जरूरतमंदों को मदद करते हुए बुजुर्गों को भी नकदी देकर सम्मान दिया। जब उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल लाया गया तो वह खुद लड़की के कपड़े लेकर आया था, जबकि उसकी मां लड़के होने की उम्मीद में लड़के के कपड़े लेकर आई थीं।
सुनील ने बताया कि अधिकतर लोगों को अपनी पहली संतान में बेटा प्राप्त करने की इच्छा होती है। लेकिन वह अपनी पहली संतान के रूप में एक बेटी के रूप में प्राप्त करना चाहता था। जिस पर ईश्वर ने उसकी मनोकामना को पूरा किया है। सुनील ने बताया कि कि वह आईआरबी के तहत हरियाणा पुलिस में कमांडो है। समाज में बेटियों के प्रति लोगों की एक गलत सोच रहती है। ग्रामीण इलाकों में भी महिलाएं बेटे को अधिक तवज्जो देती है। परंतु महिलाओं को इस सोच को बदलकर बेटी के जन्म को अधिक बढ़ावा दे खुशियां मनानी चाहिए। क्योंकि वह भी एक नारी हैं।
अभियान की शुरुआत पर ही व्हाट्सएप पर लगाया था स्टेटस, करते हैं प्रचार : सुनील सिरोही ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा तीन वर्ष पहले बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत के बाद से ही व्हाट्सएप पर लगाए जाने वाले स्टेटस पर लिख दिया था। तभी से उन्होंने इस स्टेटस को नहीं बदला है। उसने बताया कि बेटी मेरा अभिमान के तहत भी उन्होंने अपने दोस्तों व परिवार वालों के साथ ग्रुप बनाकर बेटियों को बचाने के लिए प्रचार कर रहे हैं। सरकार द्वारा बेटियों को बचाने के लिए चलाया गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का अभियान काफी सराहनीय है। लोगों को बेटियों के प्रति सोच बदल इसे सार्थक बनाने का प्रयास करना चाहिए।
बेटी की छठी पर करवाऊंगा कुआं पूजन : सुनील ने बताया कि वह अपनी बेटी के छठी उत्सव में कुआं पूजन भी करवाएगा। साथ ही ढोल बजवाकर जश्न मनाया जाएगा। पूरे परिवार के साथ खुशियां मनाई जाएंगी।
-व्हाट्सएप पर भी ग्रुप बनाकर बेटियों के हित में कर रहा है प्रचार-प्रसार
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