ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों की हड़ताल से नहीं हो पाया धान का उठान, सांसत में किसानों की जान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आरटीओ कार्यालय की ओर से धान से भरी ट्राली चालक का चालान किए जाने से खफा ट्रैक्टर-ट्राली चालकों ने शनिवार को मंडी में हड़ताल कर दी। इससे अनाज मंडी से माल का उठान नहीं हो पाया। उठान न होने के कारण नई और पुरानी अनाज मंडी सहित जींद रोड पर स्थित तीसरी अनाज मंडी में धान की बोरियों के अंबार लग गए। इससेे नई और पुरानी अनाज मंडी में तो पैदल निकलने की भी जगह तक नहीं बची। अब रविवार को आढ़ती हड़ताल पर रहेंगे, ताकि अनाज मंडियों से खरीदे गए धान का उठान हो सके।
शुक्रवार रात को करनाल रोड पर धान से भरी ट्रैक्टर-ट्राली का चालान काटने से खफा चालकों ने शनिवार हड़ताल कर दी। ट्रैक्टर-ट्राली चालकों ने इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया। हड़ताल के चलते मंडी में उठान नहीं हो पाया, इसके कारण जाम की स्थिति बन गई। मंडी को जाने वाली सभी रास्तों पर जाम होने के कारण किसानों को धान मजबूरन सड़कों पर डालना पड़ा। उधर उठान न होने के कारण मंडी में जाम की स्थिति बन गई है। किसानों को मजबूरन धान सड़कों पर डालना पड़ रहा है। चालक राजेंद्र सैनी, गणेश, नफे सिंह, सुरेश कुमार, सतबीर सिंह, खुशीराम व संजू ने कहा कि पिछले 17 सालों से वे धान के सीजन में उठान कर रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्राली के बिना मंडी में उठान होना असंभव है, क्योंकि मंडी में उठान के लिए ट्रक काफी कम है। धान की आवक ज्यादा होने के कारण ट्रक को निकालने में दिक्कत आती है, जबकि ट्रैक्टर-ट्राली को आसानी से निकाला जा सकता है। प्रशासन बेवजह उन्हें परेशान करने में लगा है। इधर, नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेश चौधरी ने कहा कि मंडी में पूरी तरह से जाम की स्थिति है। उठान न होने के कारण रविवार को आढ़ती हड़ताल पर रहेेंगे। धान की खरीद नहीं की जाएगी। केवल उठान होगा, ताकि मंडी में जो धान खरीदा जा चुका है, उसका उठान हो सके।
1509 की कीमतों में गिरावट, पीआर 1750 रुपये प्रति क्विंटल बिकी
शनिवार को कैथल मंडी में 1509 में गिरावट दर्ज की गई। यह 3200 रुपये से कम होकर 3050 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकीं। अचानक आई गिरावट से किसान भी सकते में हैं, हालांकि 3050 रुपये का रेट भी पिछले सालों की तुलना में काफी तेज है। वहीं पीआर-ग्रुप की पीआर-11 धान 1750 रुपये प्रति क्विंटल रहा। जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 1590 रुपये प्रति क्विंटल है। इधर, डीसी सुनीता वर्मा ने बताया कि वर्तमान धान सीजन के दौरान गत शुक्रवार तक जिले की विभिन्न मंडियों में 2 लाख 34 हजार 40 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। अपील की कि, किसान अपना धान साफ कर मंडी लाएं।
लगातार तेजी के बाद अब धान 1509 की कीमत गिरी
पूंडरी। अनाज मंडी में आज 1509 धान के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट देखने को मिली। जिसकी वजह से मंडी में आया धान की एक ढेरी भी आज बोली पर भी बिक नहीं पाई। धान की ग्राहकी कम होने की वजह से आज धान बोली पर 2850 रुपये तक ही रहा, लेकिन कम रेट होने की वजह से किसान ने अपने धान को बेचने से मना कर दिया। मंडी में धान लेकर आए किसान रोशनलाल बाकल, मेहर सिंह टयोंठा, दिलबाग, कुलदीप सिंह, नीरज कुमार, सुखपाल सिंह व निशान हाबड़ी ने बताया कि आज उन्हें उम्मीद थी कि उनका धान पहले दिनों की अपेक्षा 100 या 200 रुपये तेजी के साथ बिकेगा। शुक्रवार को यह किस्म 2700 रुपये से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब बिका था। सीजन के शुरुआत में यह धान 2200 रुपये बिकना शुरू हुआ था। उसके बाद इस धान में लगातार तेजी आती चली गई और यह धान 3165 रुपये तक बिक गया। आज किसानों उस समय मायूसी हाथ लगी, जब आज सुबह बोली शुरू होने पर बोली में धान खरीद को लेकर खरीददारों में कोई हौंसला दिखाई नहीं दिया और बोली पर 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट देखी गई। 1509 धान में तेजी के कारण कई मिल मालिकों ने इस धान की जगह पीआर 14 को लेना शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि 1509 धान में ज्यादा तेजी के चलते उन्होंने यह धान लेेना बंद कर दिया है और वे अब पीआर 14 धान को लेना ठीक समझते हैं।