कैथल। सरकार और प्रशासन के दावों के विपरीत जिले में रसोई गैस वितरण प्रणाली में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। गैस एजेंसी संचालक बिना होम डिलीवरी दिए ही उपभोक्ताओं से प्रति सिलिंडर करीब 35 रुपये की वसूली कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर ठगी के समान है। नियमों को ताक पर रखकर एजेंसियां उपभोक्ताओं की जेब से लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं।
नियमों के अनुसार गैस सिलिंडर की निर्धारित कीमत में घर तक पहुंचाने का होम डिलीवरी चार्ज शामिल होता है, जो 35 रुपये प्रति सिलिंडर है लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। पड़ताल में सामने आया कि शहर के जींद रोड स्थित आईटीआई के पास कैथल गैस सर्विस की ट्रैक्टर-ट्रॉली उपभोक्ताओं से 35 रुपये अतिरिक्त वसूल रही है। यही स्थिति जिला सचिवालय के पास हरियाणा विकास प्राधिकरण कार्यालय के पास और माता गेट पर खड़ी अन्य गैस एजेसियों की ट्रॉलियों की भी है, जहां खड़े होकर डिलीवरी चार्ज भी वसूला जा रहा था।
उपभोक्ता मजबूरी में कोई बाइक पर तो कोई सिर पर सिलिंडर ढोकर घर ले जाने को विवश है। विरोध पर कर्मचारी कहते हैं- गोदाम से जाकर गैस ले लो। संवाद
विरोध पर मिलता है जवाब- एजेंसी से जाकर ले लो...
जींद रोड पर ट्रॉली से सिलिंडर लेने आए उपभोक्ता रमेश ने बताया कि उन्हें खुद ट्रॉली तक आकर सिलिंडर लेना पड़ता है, इसके बावजूद 35 रुपये अतिरिक्त लिए जाते हैं। यदि वे इसका विरोध करते हैं तो कर्मचारी साफ कह देते हैं- एजेंसी से जाकर ले लो।
समाजसेवी प्रवेश बंसल का कहना है कि विभाग की ढिलाई के चलते गैस एजेंसी संचालकों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विभागीय अधिकारियों और एजेंसी मालिकों के बीच कोई साठगांठ है, क्योंकि निरीक्षण टीमें फील्ड में उतरकर इन ट्रॉलियों पर हो रही वसूली की जांच नहीं कर रही हैं।
सिलिंडर की कमी के कारण खाना बनाने में दिक्कत आ रही है। मजबूरी में कुछ जगहों पर लकड़ी या अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। तभी होटलों ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं।
-प्रवीन, ढाबा संचालक
ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी दुकान सुरक्षा मानकों की अनदेखी
नियमों के मुताबिक सिलिंडर की डिलीवरी सुरक्षित तरीके से उपभोक्ता के घर के दरवाजे तक होनी चाहिए, लेकिन यहां ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खुले में वितरण किया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सिलिंडर उतारना-चढ़ाना न केवल असुरक्षित है, बल्कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उपभोक्ता अतिरिक्त चार्ज देने के बावजूद अपने वाहनों पर असुरक्षित तरीके से सिलिंडर ले जाने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बातचीत
रिपोर्टर : भाई साहब, सिलिंडर कितने का दे रहे हो?
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कर्मचारी : 922 रुपये का है।
रिपोर्टर : गैस एजेंसी पर तो 887 रुपये का है?
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कर्मचारी : 887 रुपये में लेना है तो गोदाम से लेना पड़ेगा।
रिपोर्टर : चार्ज तो होम डिलीवरी का होता है, एक जगह खड़े होकर नहीं?
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कर्मचारी : यही होम डिलीवरी है, इससे ज्यादा क्या करें।
नियम के अनुसार डिलीवरी चार्ज सिलिंडर की होम डिलीवरी के बाद ले सकते हैं। अगर किसी गैस एजेंसी की तरफ से बिना होम डिलीवरी के अतिरिक्त चार्ज लिया जा रहा है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-वरिंद्र कुमार, डीएफएससी कैथल
गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी का चार्ज लिया जाता है। अगर बिना होम डिलीवरी चार्ज लिया जा रहा है तो चेक करवाऊंगा। -चंद्रमोहन, गैस एजेंसी के संचालक।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने आम नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यकतानुसार ही ईंधन का उपयोग करें। साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। उन्होंने बताया कि शनिवार को 5995 सिलिंडर बांटे गए जबकि 6409 प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अनुसार जिले की सभी 20 गैस एजेंसियों और 171 पेट्रोल पंपों पर घरेलू गैस सिलिंडर, पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
डीसी ने कहा कि घरेलू गैस, पेट्रोल व डीजल की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनाधिकृत उपयोग पर रोक लगाने के लिए लगातार जांच की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें तथा किसी भी बाधा की स्थिति में तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।
आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह जिले में 5097 सिलिंडर उपलब्ध थे। इसके बाद 6409 नए सिलिंडर प्राप्त हुए, जबकि 5995 सिलिंडर उपभोक्ताओं को वितरित किए गए। वर्तमान में जिले में 5511 सिलिंडर शेष हैं।
माता गेट पर खड़ी ट्राली से सिलिंडर लेकर बाइक पर ले जाते उपभोक्ता। संवाद
माता गेट पर खड़ी ट्राली से सिलिंडर लेकर बाइक पर ले जाते उपभोक्ता। संवाद