संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को पढ़ाने के लिए जिला कैथल में 10 स्पेशल प्रशिक्षण केंद्रों को चलाया जा रहा था, जिसमें शिक्षा से वंचित 329 बच्चों को शिक्षा दी जा रही थी। इनमें से सात प्रशिक्षण केंद्रों को नौ माह तक प्रशिक्षण देने का समय पूरा हो गया है।
इस कारण से इसे बंद कर दिया है। जो शेष तीन केंद्र संचालित है। इनका नौ माह का समय 18 मार्च को पूरा होगा। इसके बाद इन्हें भी बंद कर दिया जाएगा। सभी केंद्रों का प्रशिक्षण समय पूरा होने के बाद 329 बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद यह बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं और अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।
जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र कमार आर्य ने बताया कि यह स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोडऩे के लिए चलाए जा रहे थे। यह स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र पिछले नौ महीने से जिला कैथल में कार्यरत थे।
इसके तहत खंड पूंडरी में पांच स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र को चलाया जा रहा था। खंड कैथल में चार स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे थे तथा खंड गुहला में एक स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र चलाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान के लिए पहला सर्वे करवाया जाता है तथा यह सर्वे शिक्षा वालंटियर और एवीआरसी द्वारा मिलकर किया जाता है, जिसके तहत इन शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान की जाती है। इसके बाद उनको संबंधित स्कूलों में जीरो क्लास में दाखिल करवाया जाता है। इसके बाद शिक्षा वालंटियर की ओर से नौ महीने के प्रशिक्षण के बाद उनको शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ दिया जाता है।
सात स्पेशल प्रशिक्षण केंद्र का कार्यकाल संपन्न हो चुका है तथा अभी तीन स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत गुहला खंड में एक तथा पूंडरी खंड में दो स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर है, जिसको 18 मार्च तक चलाया जाएगा। उसके बाद सभी सेंट्रो को बंद कर दिया जाएगा। इसके तहत 10 शिक्षा वॉलंटियरों को इन बच्चों को पढ़ाने के लिए विभाग की ओर से लगाया गया था, जिनका प्रतिमाह 10 हजार तक का मानदेय दिया जाता रहा है। -कुशल कुमार, जिला सहायक परियोजना संयोजक।