कैथल। 134 ए नियम के तहत मंगलवार को शिक्षा विभाग द्वारा लाभार्थी विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट न कर शनिवार का समय रखने पर अभिभावक भड़क गए। जिसके बाद उन्होंने सड़कों पर उतरकर शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता 134 ए के जिलाध्यक्ष रामदिया चावरियां ने की। प्रदर्शन करते हुए अभिभावक लघु सचिवालय में पहुंचे जहां उन्होंने नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह को ज्ञापन सौंपा।
रामदिया चावरियां व अभिभावक सीमा दलाल, रमेश, कर्मबीर, विकास, आशा, निर्मला देवी, शकुंतला, परमजीत, संतोष, रीना, सोनू, राजेश, अशोक, ऋषिपाल ने बताया कि धारा 134 ए में जिन बच्चों ने परीक्षा पास की है। उन्हें अभी तक स्कूल अलॉट नहीं किए गए हैं। वे प्रतिदिन बच्चों को स्कूल मिलने की आस में सेक्टर 19 के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें अगली तिथि में स्कूल अलॉट होने का संदेश मिलता है। समाजसेवी रामदिया चावरियां ने बताया कि दो दिन में बच्चों को स्कूल नहीं दिए गए तो सभी अभिभावक अपने बच्चों के साथ धरने पर बैठ जाएंगे। नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्दी समाधान किया जाएगा।
कलायत में भी रोष : नोडल अधिकारी मंजीत भट्ट ने बताया कि प्रदेश भर के निजी स्कूलों में से ऐसे भी स्कूल शेष रह गए हैं, जिन्होंने अभी तक 134ए के तहत आरक्षित सीटों की जानकारी शिक्षा विभाग को उपलब्ध नहीं करवाई। एसीएस शिक्षा विभाग के संज्ञान में मामला लाया गया जिसके चलते ही उन्होंने सीटों की अलॉटमेंट का कार्य 4-5 दिन तक पोस्टपोन कर दिया गया। 27 अप्रैल से निजी स्कूलों में प्रवेश के पात्र पाए गए बच्चों को स्कूलों की अलॉटमेंट जारी करने का कार्य शुरू किया जाएगा। रामकिशन, सुरेश कुमार, जोगेंद्र सिंह, रोशनी देवी आदि अभिभावकों का कहना है कि जिस प्रकार से प्रवेश में देरी होती जा रही है उसी प्रकार बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
वहीं, निजी स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार रात शहर के एक निजी होटल में बैठक करके एक बार फिर से एलान कर दिया कि वे 134ए के तहत चयनित बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। यदि जिला शिक्षा विभाग ने अनावश्यक दबाव बनाया तो स्कूलों को बंद कर देंगे।
बैठक प्रधान राजेश मुंजाल व चेयरमैन पवन सगवाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सभी ने एक स्वर में 134-ए के तहत दाखिलों को लेकर कई फैसले लिए। राजेश व पवन ने कहा कि प्राइवेट स्कूल इस बार किसी भी बच्चे को 134ए के तहत दाखिला नहीं देगा। पूर्व प्रधान बलिंदर संधु ने कहा कि सरकार तीन वर्षों से निजी स्कूलों के साथ वादा खिलाफी करती आ रही है। इस कारण प्राइवेट स्कूलों ने फैसला लिया है कि 134-ए का पुरजोर विरोध करेंगे। उप-प्रधान नराता राम व श्रवन शर्मा ने कहा की अगर प्रशासन की तरफ से 134 ए के दाखिलो के लिए दबाव बनाया गया तो स्कूलों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा। उप प्रधान प्रदीप कसान व कोषाध्यक्ष जगजीत माजरा ने कहा कि जो भी स्कूल संचालक निर्देशों का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सचिव प्रवीण प्रजापति, लाभ सिंह लेलर, वरुण जैन, सचिव राजेश सहारण, अजय कुमार, सत्यजीत सैनी, मुख्य सलाहकार रघुवीर भुना, मीडिया प्रभारी आयुष गर्ग, ब्लाक प्रधान परमानंद गोयल, सतबीर सहारण, विकास धीमान, रमेश कुमार, गुलाब सगवाल, नरेंदर तंवर जिला कार्यकारणी सदस्य अभिषेक शर्मा, जग मोहन, रणबीर आर्य,मंगल सिंह, अतुल शर्मा मौजूद रहे।
तो प्रशासन द्वारा बनाए गए आय प्रमाण पत्र फर्जी हैं : बैठक में निजी स्कूल संचालक एसोसिएशन ने आय प्रमाण पत्रों पर बड़ा सवाल उठाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन ने जो आय प्रमाण पत्र बनाए हैं, वे फर्जी हैं? क्या लघु सचिवालय में फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं? वाइस चेयरमैन महीपाल कौशिक व संजीव शर्मा ने कहा कि दाखिले के लिए जो आय प्रमाण पत्र स्कूलों में जमा करवाए गए हैं, उनकी जांच की जाएगी व फर्जी पाए जाने पर उन के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए एक चार सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है। जिसमें अभिषेक शर्मा, लाभ सिंह, पवन कौल, संजीव शर्मा को शामिल किया गया।