पूरा दिन भारी बरसात से प्रभावित रहा सामान्य जन जीवन
गांव ब्राह्मणीवाला में हुई ओलावृष्टि से धरती हुई सफेद
फोटो संख्या-37
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। गांव ब्राह्मणीवाला में केवल दो मिनट के लिए हुई ओलावृष्टि से धरती पूरी तरह से सफेद हो गई। वीरवार सुबह से ही खराब हुए मौसम के कारण बरसात की स्थिति बनी रही। दिन में करीब 12 बजे तो भारी वर्षा व बादलों के कारण पूरी तरह से अंधेरा छा गया। सड़क पर वाहन लाइटें जला कर रेंगने पर मजबूर रहे। पूरा दिन लगातार बरसात जारी रही। गांव ब्राह्मणीवाला के सरपंच राजकुमार शर्मा ने बताया कि सुबह लगभग 11 बज कर 30 मिनट पर बरसात तो बंद थी पर अचानक ओलों की बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते खेत खलिहानों, गलियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। उन्होंने बताया कि कहीं कहीं ओलों की मोटाई अधिक थी कहीं कम रही। ओलों के कारण से तैयार सरसों की फसल के साथ सब्जियों में काफी नुकसान हो गया। गेहूं की फसल में इनका कोई नुकसान नही है। पूरा दिन शीतलहर व बारिश के कारण से व्यापार पूरी तरह से ठप रहा। बाजारों में ग्राहक देखने को भी नही मिल रहे थे। दुकानदार पूरा दिन आग जला कर सेकते रहे। मौसम विशेषज्ञ डा.चंद्रशेखर डागर ने बताया कि 5 फरवरी से पश्चिम विक्षोभ फिर से सक्रिय हो गया था। जिसके कारण से दिन के तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बरसात, आंधी तूफान के साथ बर्फीली हवाएं चल रही है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 9 डिग्री कर चल रहा है। बार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है तथा सामान्य से 8 से 10 डिग्री न्यूनतम तापमान फरवरी मास में भी दर्ज किया जा रहा है। इस बारे डा.डागर ने बताया कि यूरोप में लगातार बर्फबारी जारी है तथा यूरोप से लगातार पोलरवर्टेक्स, जिन्हें बर्फीली हवाएं भी कहा जा सकता है, हिमालय से टकरा रहे हैं। जिससे हिमालय पर भी लगातार बर्फ पड़ रही है। उसी का परिणाम है कि मैदानी इलाकों में लगातार शीत लहर की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को 15 किलोमीटर प्रति घंटा ही रफ्तार से चली हवाओं की दिशा दक्षिण पूर्व रही। उन्होंने बताया कि तेज हवाएं चलने के कारण से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई जबकि रात्रि का तापमान बढ़ेगा। यही स्थिति 8 फरवरी तक यथावत रहने की संभावना है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि तेज हवाओं व बरसात की संभावना को ध्यान में रखते हुए सिंचाई व स्प्रे कुछ समय तक रोक लें।