आसमान से बरसा 20 एमएम अमृत, लहलहा उठी गेहूं की फसल
फसल को ग्रोथ के लिए मिलेगी मदद, कुछेक स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से आंशिक नुकसान की संभावनाएं
जिले में सब्जियों, गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है यह बारिश
शुक्रवार को भी बारिश जारी रहने की संभावनाएं
फोटो संख्या-1 से 5, 9, 10, 18 व 19
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। वीरवार की सुबह जिले में ओलावृष्टि से बारिश की शुरुआत हुई। देर सांय तक करीब 20 एमएम जिले में औसत बारिश रिकॉर्ड की गई। कई जगह ओलावृष्टि हुई। जिसमें फसलों में आंशिक नुकसान की संभावनाएं हैं। शेष जगह गेहूं व सब्जियों की फसल में इस बारिश को लाभदायक माना जा रहा है। इस समय किसानों द्वारा फसल में सिंचाई का समय था, लेकिन मौसम विभाग ने पहले ही एसएमएस के माध्यम से सूचना दे दी गई थी। जिससे अधिकतर किसान सिंचाई से परहेज कर गए। इस बारिश से गेहूं की फसल लहलहा उठी है।
सुबह करीब 6 बजे अचानक ओलावृष्टि से बारिश की शुरुआत हुई। जो दस से पंद्रह मिनट तक जारी रही इसके बाद हल्की बूंदाबांदी 9 बजे तक हुई। इसी बीच जिले में कई जगह हल्की ओलावृष्टि की सूचना मिलीं। इसके बाद देर शाम तक हल्की बूंदाबांदी तो कभी तेज बारिश होती रही। लघु सचिवालय स्थित वर्षा मापी यंत्र में दर्ज बारिश के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक बारिश गुहला में हुई, यहां 38 एमएम बारिश दर्ज की गई। कैथल में 3 व कलायत में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। औसतन जिले में करीब 20 एमएम बारिश हुई।
किसान गांव भानपुरा निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में सिंचाई का समय है। लेकिन दो-तीन दिन पहले पता चल गया था कि 7 व 8 फरवरी को बारिश होने की संभावनाएं हैं। इसी कारण उन्होंने सिंचाई नहीं की थी। अब इस बारिश से एक सिंचाई की बचत हो गई। जो किसान अपनी फसल में डीजल इंजन से सिंचाई करते हैं, उनकी कम से कम एक हजार रुपये की बचत हुई है। जहां ज्यादा ओलावृष्टि हुई है, वहां नुकसान हो सकता है। अन्यथा इस बारिश का किसानों को लाभ होगा। इसके अलावा सरसों की जो फसल पूरी तरह से पक चुकी है, उसमें हवाओं के चलते नीचे गिर जाने के कारण नुकसान हो सकता है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र ने बताया कि अभी तक जिले में ओलावृष्टि से नुकसान की सूचनाएं नहीं हैं। इस बारिश से किसानों को काफी लाभ होगा। गेहूं सहित सब्जियों में भी बारिश का कोई नुकसान नहीं। बल्कि इसे मौसम में ठंडक बनी रहेगी और फसल को ग्रोथ का अवसर मिलेगा।
जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि बारिश से किसानों को कोई नुकसान नहीं हैं। अभी तक ऐसी सूचना भी नहीं हैं। कुछेक जगह ओलावृष्टि की जानकारी मिली है। जिसमें ज्यादा नुकसान की सूचना वहां भी नहीं। इस समय जो बारिश हो रही है, वह फसलों के लिए लाभदायक है। गेहूं की फसल में इस बारिश का पूरा लाभ होगा।
स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों को हुई परेशानियां : दिन भर रहे बारिश के मौसम के चलते स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय भी उन्हें काफी दिक्कतें हुईं, जब छुट्टी के बाद वे वापिस लौटे तो बारिश के कारण काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी।
सीवन में बारिश से बेलवाली सब्जियों में हो सकता है नुकसान
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सीवन। खंड सीवन व आसपास के क्षेत्र में रात से हल्की हल्का बरसात हो रही है। मौसम विभाग की मिल रही चेतावनी के कारण किसानों ने अपनी गेहूं की फसल जो पानी मांग रही थी पानी नहीं दिया था। जिसके कारण से गेहूं की फसल तेज हवाओं के बाद भी नहीं गिरी। अगर गेहूं की फसल में पानी लगा होता तो पौधे की जड़े तेज हवाओं में हिल जाती व गेहूं की फसल गिर सकती थी। जिससे गेहूं की फसल लहलहाने लगी है। कृषि विदों का मानना है कि अब तक की हुई बरसात से गेहूं व चारा की फसलों को लाभ रहेगा।
सब्जी की फसलों में भी बरसात का कोई नुकसान नहीं है। फूल गोभी, बंद गोभी पालक, मेथी, धनिया किसी भी फसल को नुकसान नहीं है। बेल वाली सब्जी खरबूजा, खीरा फसल को नुकसान हो सकता है।
सीवन, सोथा, खेड़ी गुलामअली से हल्की ओलावृष्टि के भी समाचार मिले हैं। लेकिन किसी प्रकार के नुकसान की कोई भी सूचना नहीं है। बारिश होने से सीवन में दलदल काफी हो गई। क्योंकि सीवन में सीवरेज का कार्य चल रहा है व सारे सीवन में सड़कें व गलियां उखड़ी पड़ी हैं। बारिश होने से उखड़ी सड़कों व गलियों की मिट्टी दलदल में तबदील हो गई जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राजौंद में बारिश से ठंडक बढ़ी
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राजौंद। वीरवार सुबह हुई बारिश ने मौसम में ठंडक के एहसास को ओर बढ़ा दिया। आम जनता को ठंड के चलते अपने घरों में दुबकने के लिए विवश कर दिया। दिन भर चली शीत लहर से जहां हर कोई ठिठुरता नजर आ रहा था वहीं अधिकतर लोग अलाव को ही एकमात्र सहारा मानकर आग सेंकते नजर आए। वीरवार सुबह जैसे ही बूंदाबांदी हुई उसके साथ ही सर्दी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू किया तो हर कोई सर्दी के चलते गर्म वस्त्रों में ढका दिखाई देने लगा।