सरपंच पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा 10 पंचों ने दिया इस्तीफा
मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव क्योड़क का मामला, डीसी को सौंपा ज्ञापन
डीसी ने कहा-जांच करवाई जाएगी, एक जांच में पहले ही दोषी करार दिए जा चुके हैं सरपंच व ग्राम सचिव
फोटो संख्या-2
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव क्योड़क में पंचायती कार्यों में सरपंच बलकार क्योड़क पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 10 पंचों ने डीसी को ज्ञापन देकर इस्तीफे देने का ऐलान कर दिया। पंचों ने विकास एवं पंचायती राज के निदेशक के नाम यह ज्ञापन दिया है।
इससे पूर्व लखनपाल होटल में मीडिया से बातचीत में पंचों वार्ड नंबर 1 से राजेश कुमार, 2 से संतोष देवी, 3 से रेखा देवी, 7 से शिखा, 10 से बलकार, 11 से गीता रानी, 14 से अफसर, 18 से नीरज देवी, 19 से नरेश कुमार व 20 से सुधीर कुमार ने कहा कि वे ग्राम पंचायत क्योड़क में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर इस्तीफा दे रहे हैं। इसे मंजूर किया जाए। उन्होंने डीसी को भ्रष्टाचार के ठोस प्रमाण दिए थे। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक मामले की जांच में सरपंच व ग्राम सचिव हजारों रुपये के ब्लॉक कम लगाने का दोषी करार दिए जा चुके हैं। लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरपंच अपनी राजनीतिक पहुंच के चलते सभी तरह की शिकायतों को दबवा देते हैं। इस बारे में मुख्य सतर्कता विभाग चंडीगढ़ को भी शिकायत की थी। उन्हें जांच के लिए आना था। लेकिन वे नहीं पहुंचे। सीएम विंडो पर की गई एक शिकायत में ग्राम पंचायत द्वारा 7687 ब्लॉक कम लगाए जाने का मामला सामने आया। इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। डेरा वाली एक गली में 24 हजार 877 रुपये की रिकवरी भी पड़ चुकी है। सीवर निर्माण से पहले गलियों की मरम्मत के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। जिसे आनन-फानन में खर्च कर दिया गया। ताकि सीवर के लिए होने वाली खुदाई में यह भ्रष्टाचार दब सके। आरटीआई के माध्यम से भी कई बार सूचनाएं मांगीं, जिसमें कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। ज्ञापन में सभी पंचों ने इस्तीफा स्वीकार कर धरना देने के लिए स्थान की अनुमति की भी मांग की। इसके बाद डीसी को लघु सचिवालय पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। डीसी ने कहा कि वे पता करवाएंगी कि मामले में सच्चाई क्या है।
बीडीपीओ की जांच में 7687 ब्लॉक अधिक लगे हुए पाए गए : पंचों ने एक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें बीडीपीओ द्वारा की गई जांच में सतपाल के घर से लेकर बालियों वाली चक्की तक गली के निर्माण में 7687 ब्लॉक अधिक लगे हुए दिखाए गए। इस मामले में सरपंच व ग्राम सचिव की मिलीभगत बताई गई है। जिसमें कार्रवाई के लिए बीडीपीओ ने डीसी को पत्र भेजा था।
राजनीति से प्रेेरित हैं सभी आरोप, एक-एक काम के लिए मैं जिम्मेवार : सरपंच बलकार सिंह का कहना है कि उन पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। गांव का माहौल खराब किया जा रहा है। कई पंचों का नाम भी झूठा दिया गया है। जितनी शिकायत आज तक की गई हैं, एक भी सच्ची नहीं है। यह बेकार की रंजिश है। आम आदमी पार्टी के साथ नहीं लगे तो इस तरह से रंजिश निकाली जा रही है। पंचायत का कोरम सहित गांव के लोग उनके साथ हैं। इन लोगों को गांव के भाईचारे व सद्भावना का ख्याल रखना चाहिए। बीडीपीओ की जांच रिपोर्ट में बिना मार्का के ब्लॉक नहीं गिने गए। उसका जवाब डीसी महोदय को दिया जा चुका है। वे स्वयं बुधवार को सभी आरोपों पर एक-एक करके जवाब देंगे।