कैथल। कैथल में गोह (मॉनीटर लिजार्ड) व गीदड़ के अंगों का व्यापार हो रहा है। इन वन्य प्राणियों के अंगों को सरेआम बेचा जा रहा है। पीपल्स फॉर एनीमल संस्था की सूचना पर वीरवार रात वन विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने छोटी मंडी से एक दुकानदार को गोह के अंग बेचते हुए पकड़ लिया। उसे गिरफ्तार कर कुरुक्षेत्र की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से वन्य प्राणी कोर्ट में छुट्टी होने के चलते मुख्य कोर्ट में पेश किया गया। उसे दोबारा से 8 जनवरी को वन्य प्राणी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
विभाग को सूचना मिली थी कि कैथल में वन्य प्राणी गोह व गीदड़ के अंगों का व्यापार हो रहा है। इस सूचना के बाद से पीपल्स फॉर एनीमल की संस्था की ओर से स्वयं सेवक दीपक कुमार ने कैथल में एक दुकानदार से संपर्क किया। साथ ही मामले की सूचना वन विभाग व पुलिस को दी। डीएफओ ने मामले में रेंज ऑफिसर अनिल श्योराण को टीम के साथ भेजा। जहां जाकर दुकानदार से जब गोह के अंग देने को कहा गया तो उसने तुरंत निकाल कर दे दिए। जिस पर पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने इस मामले में माता गेट निवासी छोटी मंडी में दुकान चला रहे नवीन कुमार के खिलाफ गोह के अंग बेचने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
एसएचओ सिटी नवीन कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी नवीन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 8 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
300 रुपये में बेचे जाते हैं जननांग : दीपक कुमार ने बताया कि ये दुकानदार 300 रुपये में एक जोड़ा बेचते हैं। इन जननांगों का प्रयोग तांत्रिक क्रियाओं के लिए किया जाता है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि गोह का तेल निकाल कर भी बेचा जाता है। अफवाह यह है कि इस तेल के प्रयोग से मर्दाना ताकत बढ़ती है, जबकि ऐसा कुछ नहीं होता। विभाग को सूचना मिली है कि शहर में कई दुकानदारों के पास वन्य प्राणियों के अंग हैं। जो इनकी धड़ल्ले से बिक्री कर रहे हैं। ठोस सूचना के बाद इन दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
कैथल से गीदड़ के अंगों के व्यापार की भी सूचना : पीपल्स फॉर एनीमल संस्था को सूचना है कि कैथल में गीदड़ के अंगों का भी व्यापार धड़ल्ले से हो रहा है। लेकिन यहां वाइल्ड लाइफ अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। वीरवार को गीदड़ के अंग भी बरामद किए जाने थे, लेकिन टीम की सूचना के चलते संबंधित दुकानदार से ये अंग नहीं मिल सके।
वाइल्ड लाइफ विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, अमर उजाला ने जुलाई माह में उठाया था मामला : अमर उजाला द्वारा भी जुलाई माह में सरेआम हांसी बुटाना नहर से गोह को पकड़ते हुए दो लोगों का मामला उठाया गया था। इसके बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। पीपल्स फॉर एनीमल संस्था के स्वयं सेवक दीपक ने बताया कि वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर ने वीरवार को हुई रेड में भी कोई सहयोग नहीं किया उल्टा मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। संस्था के सदस्यों ने बताया कि इस बात की जानकारी हरियाणा में मंत्री राव नरबीर सिंह व केंद्र में मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को दी गई है। सरेआम इस तरह वन्य प्राणियों का कत्ल हो रहा है और अधिकारी कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे। डीएफओ हैरत जीत कौर मैडम ने जरूर सहयोग किया।
वहीं वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर ओमप्रकाश का कहना है कि इस रेड से उनके विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। यह संस्था अंबाला में भी ऐसी रेड करवा चुकी है। जब उन्हें बताया गया कि एफआईआर तो विभाग के रेंज ऑफिसर की शिकायत पर हुई है, तो उन्होंने कहा कि उनके द्वारा भी वन्य प्राणियों का शिकार किए जाने पर 15 चालान कर दिए गए हैं। पूरी जानकारी चाहिए तो श्योंसर के जंगल में स्थित विभाग के कार्यालय में आएं।
कैथल में वाइल्ड लाइफ पर काम कर रही डा. चेतना शर्मा ने कहा कि गोह के तेल से मर्दाना ताकत बढ़ने जैसे मिथकों के कारण इसका शिकार हो रहा है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वन्य प्राणियों का संरक्षण नहीं हुआ तो हम इन्हें कहानियों में ही ढूंढते रह जाएंगे।
300 रुपये में बेचे जा रहे हैं गोह के अंग
कैथल से हो रहा है गोह व गीदड़ के अंगों का व्यापार
पीपल्स फॉर एनीलम की सूचनाप पर हमारा छापा
एक दुकानदार से गोह..(मॉनीटर लिजार्ड) के अंग बरामद
कुरुक्षेत्र कोर्ट में पेश किया दुकानदार को, 8 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा
फोटो संख्या-12, 13, 14 व 20