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टिकट जांच दल ने जूते और कपड़े उतरवाकर पैदल घर जाने को किया मजबूर

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टिकट जांच दल ने जूते और कपड़े उतरवाकर पैदल घर जाने को किया मजबूर
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कलायत। बस चेकिंग स्टाफ द्वारा छात्र के साथ किए गए दुर्व्यवहार की गूंज मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच गई है। सीएम विंडो व पुलिस में दी शिकायत में छात्र मोहित शर्मा की मां सुदेश देवी ने आरोप लगाया कि मंगलवार दोपहर को उसका बेटा मोहित हरियाणा राज्य परिवहन की बस में सवार होकर कालेज से घर आ रहा था। गांव बात्ता में पुल के पास 7-8 की संख्या में उड़नदस्ता दल ने बस रुकवा कर टिकटों की चेकिंग शुरू कर दी। मोहित ने बस पास के पैसे जमा होने की रसीद दिखाई जिसे अमान्य करार देते हुए जांच दल ने बस से नीचे उतार दिया व उसके जूते व कपड़े उतरवाकर पैदल घर तक दौड़ने का फरमान जारी कर दिया। बदहवास हालत में मोहित ने घर आकर सारी बात उन्हेें बताई। जिसके बाद उन्होंने चेकिंग दल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मन बनाया। थाना प्रभारी ललित मोहन ने इस मामले में शिकायत मिलने की बात कही है।
रोजाना कालेज आने जाने वाले छात्रों ने भी जांच दल पर अमानवीय प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। छात्र अंकित, मनोज, सुनील, मुकेश, पवन, रितिक, सचिन, साहिल, केशव, अमन ने कहा कि चेकिंग के नाम पर हर रोज बस रुकवा कर यात्रियों को परेशान किया जाता है। जांच दल बिना टिकट वाले छात्रों को जुर्माना न देने की एवज में उसका बटुआ, बैग, मोबाइल, घड़ी व अन्य कोई भी सामान छीन लेते हैं और उसकी कोई भी रसीद या सबूत नहीं देते।
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कैथल के परिवहन प्रबंधक रामकुमार ने बताया कि हालांकि उनके पास लिखित रूप में शिकायत नही आई है परंतु फिर भी उन्होंने अपने स्तर पर मामले की जानकारी ली है। जांच दल पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। छात्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हुआ। संस्थान द्वारा जारी पहचान पत्र व कोई भी अस्थाई स्लिप या प्रूफ राज्य परिवहन में मान्य नहीं है।
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