कैथल। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में जिले के सात खंडों और शहर के 84 वार्डों से लगभग 30 हजार महिला लाभार्थियों को शामिल किया जाना है। योजना के पहले दिन सर्वर अधिक व्यस्त होने से जिले में केवल 856 महिलाओं का पंजीकरण ही सफल हो पाया।
जिला प्रशासन की ओर से जिला और खंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भारी भीड़ रही। आधार और परिवार पहचान पत्र से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी न जाने से भी समस्याएं हुईं। लाइनों में लगी महिलाएं लंबे समय तक प्रतीक्षा करती रहीं और तेज धूप व गर्मी में पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बेहाल हो गईं। स्वास्थ्य जांच सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकीं।
महिलाओं ने अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से अपने क्षेत्र में पंजीकरण कराने की मांग उठाई, ताकि सुविधा के साथ योजना का लाभ सीधे उन्हें मिल सके। अटल सेवा केंद्र संचालकों ने कहा कि सरकार को योजना का आधिकारिक पोर्टल तैयार करना चाहिए, जिसमें पंजीकरण का अधिकार केवल वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) को दिया जाए, ताकि सही तरीके से सत्यापन और पंजीकरण हो सके। योजना के प्रथम चरण में उन अंत्योदय परिवारों की बहू-बेटियों को शामिल किया गया है, जिनकी सालाना आय एक लाख से कम है। अधिकांश परिवारों का एपीएल राशन कार्ड बना हुआ है। लाभ लेने के लिए महिला का परिवार पहचान पत्र से बैंक खाता लिंक होना और 15 साल से हरियाणा में स्थायी निवास प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। संवाद
गलत लाभ पर 12% ब्याज सहित वसूली
प्रदेश सरकार ने योजना के शुभारंभ के दिन ही अधिसूचना जारी की कि योजना का गलत तरीके से लाभ लेने पर राशि की 12 प्रतिशत ब्याज सहित वसूली की जाएगी। इससे फर्जी लाभार्थियों में डर पैदा हुआ है, क्योंकि पहले भी समाज कल्याण विभाग फर्जी पेंशनरों से ब्याज सहित राशि वसूल चुका है।
जिला प्रशासन ने सभी महिला लाभार्थियों से अनुरोध किया है कि अपने संबंधित क्षेत्र के शिविरों में पंजीकरण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि बार-बार चक्कर काटने और परेशानी का सामना न करना पड़े। -प्रीति, उपायुक्त