संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। करनाल के घरौंडा में डॉक्टर की पिटाई के विरोध में नागरिक अस्पताल कैथल में डॉक्टरों की हड़ताल का शनिवार को मिला-जुला असर देखने को मिला। जिले के कुल 52 सरकारी डॉक्टरों में से 30 डॉक्टर हड़ताल पर रहे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक प्रभाव पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई वैकल्पिक व्यवस्थाओं के चलते मरीजों को राहत मिली और मुख्य सेवाएं बाधित नहीं हुईं।
हड़ताल के आह्वान के बाद सुबह करीब नौ बजे ओपीडी सेवाएं लगभग 20 से 30 मिनट के लिए बंद रहीं, जिससे दूर-दराज से आए मरीजों में कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बन गई। हालांकि थोड़ी ही देर बाद कुछ डॉक्टर काम पर लौट आए और ओपीडी सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक रूप से अन्य स्टाफ और उपलब्ध डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिसके चलते ओपीडी सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहीं। रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतारें जरूर देखी गईं, लेकिन तैनात डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ ने मरीजों की जांच और उपचार जारी रखा। एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टर संदीप ने बताया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
उधर, हड़ताल के बावजूद मरीजों की जान से जुड़ी इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह सुचारु रखा गया। गंभीर रूप से घायल या बीमार मरीजों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया गया। इसके साथ ही पोस्टमार्टम जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी बिना किसी रुकावट के जारी रहीं।डॉक्टरों की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं और पोस्टमार्टम कार्य बंद नहीं किए जाएंगे। शनिवार को अस्पताल में करीब 1400 से 1500 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई।
मैं सुबह करीब 10 बजे अस्पताल पहुंची थीं और पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर खड़ी रहीं। आधा घंटा इंतजार करने के बाद दवाई मिल सकी। -मंगो, नंद सिंह खेड़ा
दवा काउंटर पर मुझे करीब आधा घंटा इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद दवा मिली। हालांकि ओपीडी चल रही थी और डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। -राम नारायण, नैनाॉ
हड़ताल की पूर्व सूचना पर अस्पताल प्रशासन ने पहले से ही आवश्यक तैयारी कर ली थी। हड़ताल पर गए 30 डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डॉक्टरों और अन्य उपलब्ध चिकित्सा अधिकारियों की सेवाएं ली गईं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। -डॉ. रेनू चावला ,सिविल सर्जन
कलायत में बंद रही ओपीडी
कलायत। सरकारी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रखी गईं। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं, लेकिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच नहीं की गई। डाॅ. हिमांशु, डाॅ. राजकुमार और डाॅ. साहिल ने बताया कि कलायत अस्पताल में प्रतिदिन करीब 400 मरीज ओपीडी में आते हैं। उन्होंने कहा कि घरौंडा में ड्यूटी पर तैनात डाॅ. प्रशांत के साथ एसएचओ प्रदीप कुमार द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाकर प्रताड़ित किया गया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। संवाद