संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मांगों के लिए नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है। उधर, कैथल में नगर परिषद् की ओर से मुख्य जगहों करनाल रोड, जींद रोड व पेहवा रोड से कचरों के ढेर उठा लिए गए हैं लकिन शहर के अंदर ही करीब 250 टन कचरा अलग-अलग जगहों पर पड़ा है।
नाराज कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के एक गेट पर ताला जड़ दिया है, जबकि दूसरे गेट पर धरना देकर बैठ गए हैं। इसके चलते नगर परिषद से जुड़े अधिकांश कामकाज ठप हो गए हैं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, एनओसी, प्रॉपर्टी आईडी और अन्य जरूरी दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोग गेट से ही वापस लौटने को मजबूर हैं। कई लोग दूर-दराज क्षेत्रों से किराया खर्च कर नगर परिषद पहुंचे, लेकिन कार्यालय पर ताला लटका मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को कार्यालय में प्रवेश नहीं करने देंगे। दूसरी ओर, हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है। शहर में करीब 250 टन कचरा जमा हो चुका है और नियमित झाड़ू व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। हालांकि, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य जारी रहने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिल रही है।
उधर, प्रशासन के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारी संघ ने हड़ताल को 11 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है। कर्मचारी संघ के प्रधान महेंद्र ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, बकाया वेतन जारी करने और समान काम-समान वेतन जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं।
गंदगी के ढेर से लोग परेशान
हड़ताल का सबसे अधिक असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। पिछले कई दिनों से मुख्य सड़कों, चौराहों और गलियों में सफाई नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। भीषण गर्मी के कारण कचरे से उठ रही दुर्गंध ने राहगीरों और आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। महेंद्र और रामेश्वर का कहना है डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण जारी है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों और गलियों में फैली गंदगी बीमारी फैलने का खतरा पैदा कर रही है।