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बच्ची से दुष्कर्म में 25 साल कैद

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कैथल। एक सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा की अदालत ने दोषी करार देते हुए 25 साल की कैद के साथ 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी पहले सेही प्रोटैकिटव कस्टडी में है। उसे स्पेशल होम (बाल बंदी गृह) सोनीपत भेजा जाएगा।
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पीड़ित बच्ची की मां ने पांच अगस्त 2019 को महिला थाने में केस दर्ज करवाया था। उसने कहा था कि दो अगस्त 2019 को उसकी तीसरी कक्षा में पढ़ रही बेटी को दोषी बहला फुसला कर बुरी नीयत से साइकिल पर बैठा कर अपने बाड़े में ले गया। वह बेटी की तलाश में बहार गली में निकली। दोषी के घर के सामने पहुंची तो वहां बेटी के रोने की आवाज सुनाई दी। वह गेट खोलकर भीतर घुसी तो देखा वह बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। उसे देख वह मौके से भाग निकला। बाद में घर आने पर बच्ची ने बताया कि आरोपी पिछले चार महीनों से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज करके दोषी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश कर दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे पूनम सुनेजा ने किशोर अपचारी को दोषी पाया और 25 साल कारावास तथा 55000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त डीएलएसए को आदेश दिए गए हैं कि पीड़ित बच्ची को मुआवजे के तौर पर साढ़े पांच लाख रुपये दिए जाएं।
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उल्लेखनीय है कि इस केस में आरोपी नाबालिग होने के कारण अंतिम रिपोर्ट बाल न्याय बोर्ड के सम्मुख प्रस्तुत की गई थी जिस पर बाल किशोर अपचारी की उम्र 16 साल से अधिक होने के कारण बोर्ड ने उसका विचारण बालिग आरोपी की तरह करने की अनुशंसा की। आरोपी किशोर अपचारी के मामले का विचारण बाल न्यायालय द्वारा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट एक्ट 2015 के अनुसार करते हुए सजा सुनाई।
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