कैथल्। साल 2025 में महिला सशक्तिकरण को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई योजना महिलाओं के किसी वरदान साबित हुई। इस योजना से महिलाओं को दी गई राशि से वो अपने लिए निवेश करने और अपने जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगी। प्रदेश सरकर की तरफ से दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत जिले में 24 हजार 545 महिलाओं को लाभ मिला है।
इनके खाते में सरकार द्वारा निर्धारित समय पर पेंशन की 2100 रुपये की राशि भेजी जा रही है। प्रदेश की नायब सिंह सैनी की सरकार ने चुनाव से पूर्व महिलाओं को 2100 रुपये पेंशन देने का वादा किया था। वो कार्य अब नवंबर माह में पूरा कर लिया है । जिसमें जिले भर के पात्र महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। इस प्रक्रिया में जिले में 24 हजार 560 महिलाओं ने योजना का लाभ देने का आवेदन किया था। इनमें से सभी महिलाओं के खाते में सफलतापूर्वक स्वीकार कर उनकी पेंशन स्वीकृत कर दी गई है। 2100 रुपये की राशि बतौर पेंशन भेजी गई । विभागीय जानकारी के अनुसार जो पेंशन आवेदन अस्वीकृत हुए हैं, उनमें भी त्रुटि दूर करने के लिए विभाग मुख्यालय से संपर्क किया जा रहा है।
योजना का लाभ लेने के लिए ये शर्तें पूरी करें प्रार्थी-
प्रत्येक पात्र लाभार्थी के नाम पर एक चालू बैंक खाता होना चाहिए। पात्र महिला की आयु 23 वर्ष से 60 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। परिवार की सत्यापित वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक न हो जो महिला किसी अन्य राज्य से हरियाणा में विवाहित है जिसका पति हरियाणा का निवासी है और आवेदन के समय पिछले 15 वर्षों या उससे अधिक समय से हरियाणा राज्य में रह रहा है वह महिला इस योजना की पात्र है। एक नवंबर से महिलाओं के खाते में योजना का लाभ आना शुरू हो जाएगा।
सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना योजना का मुख्य लक्ष्य
डीसी अपराजिता ने कहा कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से स्वीकृत हुई पेंशन 2100 रुपये की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं को प्राप्त होती है, जो उन्हें अपने दैनिक जरूरतों को पूरा करने, बच्चों की शिक्षा में निवेश करने और अपने जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगी।
कैथल डीसी अपराजिता
योजना से लाभान्वित महिलाओं ने राशि मिलने पर खुशी जाहिर की है। एक महिला ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। उन्होंने कहा, 2100 रुपये खाते में आए हैं तो बहुत खुशी है। पहले दस-दस रुपये के लिए भी पति से मांगना पड़ता था, लेकिन अब अपने खुद के पैसे से जरूरतें पूरी कर सकेंगे। सब्जी-भाजियां भी खुद खरीद पाएंगे और छोटी-मोटी जरूरतें बिना किसी संकोच के पूरी होंगी। - फूली देवी
बच्चों को दिलवाई ड्रेस योजना के पैसे खाते में डल गए है । बच्चे के लिए ड्रेस लेकर आई हैं। पहले घर वालों को बोलना पड़ता था। बच्चों की छोटी मोटी जरूरत पड़ती है़। उसके तुरंत पैसे मिल जाएंगे।
सुनीता देवी