कैथल। एक दंपती ने जिले के गांव फतेहपुर में मकान की रजिस्ट्री कराने के नाम पर 23.50 लाख रुपये ठग लिए है। पुलिस ने दंपती पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पहले तो आरोपी के पति ने 18 लाख रुपये ब्याज पर लिए। जब इसे लौटाने की बात आई तो मकान का 40 लाख का सौदा कर ब्याना करवा लिया लेकिन रजिस्ट्री नहीं करवाई।
पूंडरी की यश कॉलोनी निवासी भगवान दास ने पूंडरी थाना में दी गई शिकायत में बताया कि उससे श्याम लाल ने 2019 में उससे 18 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। इसमें कहा कि था कि वह यह राशि 25 फरवरी 2020 तक ब्याज सहित अदा कर देगा। इसकी एवज में उसे एक चैक भी दिया था। आरोपी ने निश्चित अवधि तक ये राशि नहीं दी, जब चेक लगाने की बात कही तो आरोपी ने और समय मांगा व टाल-मटोल करते-करते एक साल से भी अधिक का समय निकाल दिया।
जब आरोपी को बार-बार टोका तो उसने अपनी धर्मपत्नी लक्ष्मी देवी की मलकियत के मकान का 40 लाख रुपये में सौदा कर लिया। इसके बाद उसने पत्नी लक्ष्मी देवी से 16 जून 2021 भगवानदास के हक में इकरार नामा लिखवा दिया। जिसकी रजिस्ट्री की अंतिम तिथि 15 जून 2022 निश्चित की गई। इस दौरान आरोपी श्याम लाल और लक्ष्मी देवी ने कहा कि उन्हें साढ़े पांच लाख आपात स्थिति में जरूरत है। इस पर उसने 19 से 25 जून 2021 तक श्याम लाल के खाते में रुपये भेज दिए। जब उसने लेन-देन का ब्योरा लिखित में देने को कहा तो आरोपी ने मना कर दिया।
उसने कहा कि वह यह राशि रजिस्ट्री के दौरान काट ले। जब रजिस्ट्री की अंतिम तिथि 15 जून 2022 आई तो आरोपी ने उसे बताया कि अभी बैंक का ऋण नहीं उतरा है। इसके उतरने के बाद रजिस्ट्री करा देंगे। तय तिथि पर तहसील कार्यालय में पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी आरोपी ने रजिस्ट्री नहीं करवाई। तब उसे अपने साथ हुई साढ़े 23 लाख की धोखाधड़ी का पता चला।
इस पर उसने क्षेत्र के कुछ लोगों को आरोपी के पास भेजा। जिनमें पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पाई, धर्मबीर सरपंच पाई, रमेश दुआ फतेहपुर, मास्टर जोगिंद्र पाल पूंडरी, सेठ मोहन लाल गोयल पूंडरी शामिल थे। आरोपी ने उनको आश्वासन देकर वापस भेज दिया लेकिन आज तक कोई रजिस्ट्री ना करवाई। जब घर रुपये मागने आरोपी के घर गया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। जांच अधिकारी एएसआई प्रवीन कुमार ने बताया कि आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।