संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दो अलग-अलग मामलों में दो युवकों को विदेश भेजने के नाम पर आठ आरोपियों ने 23 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक मामले में तो युवक के परिजनों को आज तक पता नहीं लग सका है कि उनका बेटा इस समय कहां है? पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। पहले मामले में तीन और दूसरे में पांच लोगों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।
पहले मामले में गांव कैलरम निवासी ईश्वर सिंह ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दी कि 23 दिसंबर 2022 को उसने अपने बेटे अनुज कुमार को पुर्तगाल जाने के लिए रवाना किया था। उसको कैथल निवासी आरोपी एजेंट राजविंद्र घर से गाड़ी में लेकर रवाना हुआ था। राजविंद्र ने उनसे 10 लाख 50 हजार रुपये ले लिए और दो लाख रुपये आरोपी हसन अली नाम के व्यक्ति के बैंक खाते में डलवा लिए।
राजविंद्र ने कहा था कि वह अनुज कुमार को यहां से दुबई और वहां से सीधे पुर्तगाल पहुंचा देगा। बाद में वह अपनी जुबान से मुकर गया और बोला कि लीबिया देश के रास्ते से पुर्तगाल पहुंचाएंगा। ईश्वर सिंह का आरोप है कि बाद में बेटे अनुज कुमार से पासपोर्ट और उसके पैसे लेकर राजविंद्र लीबिया देश में अकेला छोड़कर फरार हो गया। आरोपी ने उन्हें फोन करके और पैसे देने की मांग की। साथ ही अनुज को वहां के माफिया के हवाले कर देने की धमकी दी।
ईश्वर सिंह न बताया कि जब वे आरोपी राजविंद्र के घर गए तो उसके भाई ने धमकी दी कि उनके घर आने की जरूरत नहीं है। अगर दोबारा वहां गए तो उसकी पत्नी से छेड़खानी करने के झूठे आरोप में फंसवा देगा। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में छह जुलाई को भी कलायत थाना में शिकायत दी थी, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उसने बताया कि उसके बेटे का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। ऐसा करके आरोपी राजविंद्र, उसके भाई व उसकी पत्नी ने उनके साथ साढ़े 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी भी की है। एसएचओ अमित ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
दूसरे मामले में गांव खरक पांडवा निवासी मुनीष ने कलायत थाना में शिकायत दी कि पांची जाटान जिला सोनीपत निवासी सुनील खत्री इस समय नीदलैंड में रहता है। शिकायतकर्ता का भाई कपिल हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित एक कंपनी में काम करता था। वहीं पर आरोपी सुनील भी काम करता था। उन दोनों की जान-पहचान हो गई। आरोपी सुनील ने यहां रहते हुए उसके भाई को कहा कि वह कपिल को पोलैंड भेज देगा और वहां काम दिलवा देगा।
इसके बाद आरोपी ने ऋतु, अनिल खत्री, राजबीर और मालविया नगर दिल्ली निवासी अफलक अहमद के साथ मिलकर उसके भाई को विदेश भेजने की बात कही। जनवरी 2023 में आरोपियों ने कहा कि वे उसके भाई को पोलैंड की बजाय ऑस्ट्रेलिया भेज देंगे, क्योंकि वहा काम सही मिल जाएगा। ऐसा कहकर अलग-अलग समय में आरोपियों ने उससे 10 लाख 50 हजार रुपये ले लिए और उसके भाई को दुबई के रास्ते से ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए दुबई की टिकट भेज दी।
जांच के दौरान यह टिकट फर्जी पाई गई। जब उसने आरोपियों से रुपये मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पांच आरोपियों पर उसके साथ 10 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। जांच अधिकारी कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।