कैथल। गांव सजूमा में हेपेटाइटिस-ए और टायफाइड के संभावित संक्रमण पर स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार को विभागीय टीम ने दोनों बीमारियों की जांच के लिए 22 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए।
जांच अभियान के दौरान राहत की बात यह रही कि शुक्रवार को लिए 20 सैंपल में नए मरीज की पुष्टि नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक गांव से कुल 184 संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। विभाग की टीमें नियमित रूप से घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं और संदिग्ध मरीजों की पहचान कर जांच कराई जा रही है। कुछ समय पहले गांव की 11 वर्षीय बच्ची की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने दूषित पेयजल को इसकी वजह बताया था।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने गांव में व्यापक जांच अभियान शुरू किया। जांच में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की मुख्य पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त मिली, जबकि कई निजी पानी के कनेक्शनों में भी लीकेज सामने आई।
ग्रामीणों ने बोरवेल के पानी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए थे। वहीं गांव के तीन सबमर्सिबल में से दो के पानी के नमूने जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे थे।
दवाओं का वितरण भी जारी : संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को आवश्यक दवाएं और सामग्री भी उपलब्ध करा रहा है। शुक्रवार को गांव में 620 हैलोजन टैबलेट, 66 ओआरएस पैकेट और 32 जिंक की गोलियां वितरित की गईं। अभियान शुरू होने से अब तक ग्रामीणों को 21,538 हैलोजन टैबलेट, 851 ओआरएस पैकेट और 326 जिंक की गोलियां बांटी जा चुकी हैं।
जांच करने पहुंची टीम। डॉक्टर