चावल निर्यातक फर्म श्री लाल महल के खिलाफ 2 करोड़ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज
चीका के आढ़तियों ने कहा- निर्यात करने के नाम पर 4 दिन में भुगतान करने की बात कहकर की थी खरीद
वर्ष 2014 से 2017 तक का भुगतान रुका
बार-बार मांगने पर भी नहीं दिया रुपया तो दी पुलिस में शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने चावल निर्यातक श्री लाल महल फर्म के खिलाफ चीका के आढ़तियों की शिकायत पर निर्यात के लिए की गई धान की खरीद की एवज में 2 करोड़ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। फर्म पर 2014 से लेकर 2017 तक सीजन में की गई खरीद में से यह राशि बकाया रखते हुए भुगतान न करने का आरोप है।
चीका निवासी पवन कुुमार ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वह चीका अनाज मंडी में आढ़त की दुकान करता है। सितंबर 2014 में दिल्ली की एक लिमिटेड कंपनी श्री लाल महल के पदाधिकारियों के साथ उसका संपर्क हो गया। जिसमें कंपनी से प्रेम चन्द गर्ग, पत्नी अनीता गर्ग, पुत्र अशीष गर्ग व आदित्य गर्ग निवासी भगवानदास नगर न्यू दिल्ली, आरके गुप्ता निवासी अशोक विहार न्यू दिल्ली व एसके वलुचा निवासी सेक्टर-13 मोहिनी न्यू दिल्ली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी चावल एक्सपोर्ट करने का काम करती है और उनकी कंपनी का टर्नओवर हजारों करोड़ रुपयों की है। यह कंपनी अमेरिका, न्यूयार्क स्टाक एक्सचेंज में भी लिमिटेड है। उन्होंने उसको आश्वासन दिया कि उनके लिए चीका मंडी से बढ़िया क्वालिटी की धान खरीद कर भेजो, उसकी पेमेंट 4 दिन के अंदर देते रहेंगे। यदि 4 दिन से ज्यादा समय लगेगा तो पेमेंट का ब्याज मंडी के कानून के मुताबिक देंगे और वो लोग कहने लगे की वे कंपनी के डायरेक्टर हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी हरियाणा, पंजाब, उतर प्रदेश, दिल्ली व कई अन्य राज्यों की विभिन्न मंडियों से भी ऐसे ही जीरी खरीद करती है और खरीदी गई धान की राशि समय पर भुगतान कर देते हैं। उसने उनकी बातों पर विश्वास कर लिया और मंडी के आढ़तियों से जीरी खरीदकर उनके पास भेजने लगा। उन्होंने 2014-2015 व 2015-2016 व 2016-2017 में उसकी व मंडी के अन्य आढ़तियों से धान खरीद कर इस कंपनी के पास ले जाना शुरू कर दिया। जिसकी शाखा करनाल व सोनीपत में है। कंपनी के पदाधिकारियों ने चावल निकाल कर आगे बेच दिए। वह आढ़तियों के सारे रुपये नहीं देते थे। जो बकाया बच जाते थे, जल्द ही लौटाने की बात तो कहते लेकिन बकाया राशि अभी तक नहीं लौटाई है। इस कंपनी के पास लगभग आढ़तियों का दो करोड़ 40 लाख रुपये बकाया है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और बकाया राशि दिलवाई जाए। एएसआई अजमेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।