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शुगर मिल में तोल में गड़बड़ी पर रात भर धर्मकांटे पर बैठे रहे किसान

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शुगर मिल में तौल में गड़बड़ी पर रात भर धर्मकांटे पर बैठे रहे किसान
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- रात को कांटे के लिपिक के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर, तीन कर्मचारी सस्पेंड
- शुगर मिल एमडी, डीएसपी सहित एसडीएम को सुनाई किसानों ने खरी-खरी, मिल में नहीं हुई सुनवाई तो ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लघु सचिवालय पहुंचे किसान

फोटो नंबर-15 से 25
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुक्रवार रात को शुगर मिल में गन्ने की तुलाई में पकड़ी गई किसानों द्वारा गड़बड़ी के बावजूद प्रशासनिक आला अधिकारी शनिवार सुबह 11 बजे तक मौके पर नहीं पहुंचे। इससे किसानों का गुस्सा भड़क उठा और वे अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर सचिवालय की ओर निकल पड़े। जहां उन्हें बिना रेलगाड़ी के समय के रेलवे फाटक बंद करके भी रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन किसान नहीं रुके। लघु सचिवालय पहुंचे किसानों की मांग को सरकार के पास भेजने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। इससे पूर्व रात को पुलिस ने किसानों की शिकायत पर एक कर्मचारी के खिलाफ तौल में गड़बड़ी करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। जबकि मिल एमडी ने 3 कर्मचारियों को सस्पेंड भी कर दिया।
विदित रहे कि शुक्रवार शाम को किसानों ने मिल में तौले जा रहे गन्ने में प्रति ट्राली 20 से 21 क्विंटल गन्ने की गड़बड़ी पकड़ी थी। जिसमें 11 किसानों की ट्रॉली का दोबारा वजन करने पर 5 से 7 हजार रुपये कीमत का गन्ना अधिक मिला। जिस पर किसान भड़क उठे और तौल रुकवाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रात को करीब एक बजे नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह, एसएचओ तितरम रामकुमार व डीएसपी तरुण सैनी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली और अधिक तौली गई पर्चियां लेकर पुलिस ने कांटा लिपिक बालकिशन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद भी किसानों ने तौल नहीं होने दिया और सुबह 11 बजे बात करने की बात कहकर अधिकारियों को भेज दिया।
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शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे एसएचओ रामकुमार फिर पहुंचे। बाद में एमडी शुगर मिल कंवर सिंह भी किसानों के बीच पहुंचे और बताया कि उन्होंने मिल कर्मचारी सीएमओ देशराज, लिपिक बालकिशन व कुली कृष्ण को सस्पेंड कर दिया है। लेकिन किसानों ने उनसे अपनी बात नहीं की और कहा कि वे आला अधिकारियों से ही बात करेंगे। इसके बाद करीब 11 बजे एसडीएम कमलप्रीत कौर पहुंची। लेकिन किसानों ने उनसे भी बात नहीं की। जब दोपहर तक डीसी मिल में नहीं पहुंचे तो किसान अपनी ट्रॉलियां लेकर लघु सचिवालय की ओर निकल पड़े। डीएसपी रामकुमार ने पहले करनाल रोड बाईपास चौक पर फिर, रेलवे फाटक बंद करवाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान ट्रॉली सड़क पर छोड़कर लघु सचिवालय पहुंच गए। जिस पर फाटक भी खोलना पड़ा और किसानों ने लघु सचिवालय पहुंच कर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों को उग्र होता देख डीसी ने बातचीत के लिए बुलाया। पहले तो डीसी ने किसानों की तीनों मांगों को ठुकरा दिया। लेकिन जब किसान फिर से प्रदर्शन पर अड़ गए तो डीसी ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे एमडी को सस्पेंड करने, मिल में किसानों के हुए नुकसान की भरपाई करने व चिप घोटाले में डेडलाइन तय करने की मांग को सरकार तक पहुंचा देंगे। इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। प्रदर्शनकारी किसानों में किसान संघ के नेता गुल्तान सिंह, रणदीप आर्य फरल, जसबीर सिंह क्योड़क, महीपाल, राजेंद्र कसान, रमेश फतेहपुर, सुरेंद्र काकौत सहित अन्य ने कहा कि मिल में चिप घोटाले की तो जांच भी नहीं हुई, अब यहां तौल में ही 20 से 22 क्विंटल गड़बड़ी कर किसान को लूटा जा रहा है। इसलिए किसान अब शांत नहीं बैठेगा। उन्हें न्याय चाहिए, पारदर्शिता चाहिए और चिप घोटाले की जांच के बाद कार्रवाई चाहिए।
पहले एमडी, फिर एसडीएम, डीएसपी को सुनाई खरी-खरी : किसानों ने रात को डीएसपी, सुबह एमडी, डीएसपी, एसडीएम कमलप्रीत कौर को खरी-खरी सुनाते हुए किसानों ने कहा कि आप से बात ही नहीं करनी। कई अधिकारियों से उनका विश्वास ही उठ गया है। यहां तक कि लघु सचिवालय में एक किसान ने डीसी को कहा कि रात से भूखे बैठे हैं, हमारा समाधान करो डीसी साहब। दूसरे ने कहा डीसी साहब इब कड़तै आ ग्या, मिल में तो बुलाए तै बी कोनी आया। इस पर डीसी ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं महिला खाप नेता संतोष दहिया भी किसानों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं।

कांटे में तकनीकी गड़बड़ी हुई थी। ज्यादा तौलने से किसी को व्यक्तिगत लाभ पहुंचने जैसी बात सामने नहीं आई। फिर भी लापरवाही मिलने पर 3 कर्मचारी सस्पेंड किए गए हैं, एफआईआर भी हुई है। बाकी मांगें भी सरकार को भेज दी गई हैं।
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- धर्मवीर सिंह, डीसी

ये रहा घटनाक्रम : शुक्रवार रात्रि करीब 9 बजे किसानों ने मिल में तौल में गड़बड़ी पकड़ी।
10 बजे किसानों ने पहुंचकर तौल रुकवा दिया।
रात्रि 1 बजे डीएसपी, नायब तहसीलदार व एसएचओ पहुंचे।
ढेड़ बजे तक अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली और केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की
सुबह साढ़े नौ बजे फिर एसएचओ पहुंचे और एमडी को बुलाया।
11 बजे तक जब किसानों ने एमडी व डीएसपी की भी नहीं सुनीं तो एसडीएम कमलप्रीत कौर को बुलाया गया।
किसान 12 बजे लघु सचिवालय की ओर निकले। करीब 2 बजे लघु सचिवालय में डेरा डाल लिया। रास्ते में किसानों के साथ डीएसपी रामकुमार व पुलिस फोर्स की झड़प होते-होते बची।
3 बजे डीसी के साथ बैठक के बाद किसानों का आंदोलन खत्म हुआ।
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