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बिना टेंडर के खरीदी गई 1 लाख 6 हजार रुपये की वाशिंग मशीन खरीदने का कारण नहीं बता पाए अस्पताल के अधिकारी

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बिना टेंडर के खरीदी गई एक लाख छह हजार की वाशिंग मशीन, क्यों खरीदा नहीं बता पाए अधिकारी
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- आडिट रिपोर्ट में सामने आया जिला अस्पताल में गड़बड़झाला, एक लाख से अधिक का सामान टेंडर के माध्यम से होता है खरीदना
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल में एक से बढ़कर एक गड़बड़ी सामने आ रही है। ऑडिट रिपोर्ट में एक ओर बड़ा खुलासा हुआ है कि अस्पताल अधिकारियों ने बिना टेंडर के एक लाख छह हजार रुपये में दो वाशिंग मशीनें खरीद लीं। जबकि एक लाख से अधिक की राशि का सामान खरीदने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाते हैं। इसके अलावा अस्पताल में आने वाली विभिन्न तरह की फीसों के लिए 3 लाख 35 हजार रुपये के कागजात ऑडिट टीम के सामने प्रस्तुत नहीं हो पाए हैं।
जिला अस्पताल की पिछले साल की ऑडिट रिपोर्ट में ऑडिट टीम द्वारा बताया गया है कि 60 हजार रुपये की राशि अभी तक जमा नहीं करवाई गई है। इसके अलावा वर्ष 2017-18 में विभिन्न तरह की फीस कलेक्शन का काम अलग-अलग कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। अस्पताल की मुख्य कैश बुक में मिले 3 लाख 35 हजार 895 रुपये का रिकॉर्ड नहीं मिल पाया है। बार-बार कहने के बावजूद इस राशि का रिकॉर्ड न मिलने के कारण जांच नहीं हो पाई। यह रिकॉर्ड ऑडिटर ने देने को कहा है।
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नकद राशि नहीं करवाई जाती बैंक में जमा : ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि नियमानुसार अस्पताल में आने वाली 5000 रुपये से अधिक की राशि बैंक में जमा करवानी जरूरी है। महीने के अंत में 12 हजार से लेकर एक लाख 49 हजार रुपये तक की नकद राशि रखी गई। जबकि नकद में केवल 5000 रुपये तक ही राशि रखी जा सकती है। भविष्य में इस नियम का पालन करने के लिए कहा गया है।
सीएमओ डॉ. संत लाल का कहना है कि वे ऑडिट रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं। इस बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
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