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एक पंखे के सामने और दो टेंट में खचाखच बैठे रहे 3000 बच्चे

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दो टेंट में 3000 हजार बच्चे और सिर्फ एक पंखा, परेड में नौ बच्चे फिर बेहोश
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- सुबह आठ बजे स्वतंत्रता दिवस समारोह के फुल ड्रेस रिहर्सल के लिए मेकअप करके आए और पसीने से तर-बतर रहे बच्चे
- तय समय पर नहीं हो पाया रिहर्सल में ध्वजारोहण , डीसी व एसपी पहुंचे करीब 20 मिनट लेट
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। स्वतंत्रता दिवस समारोह के रिहर्सल कार्यक्रम में सही व्यवस्था नहीं होने से शनिवार को भी बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ी। अंतिम पूर्वाभ्यास में बच्चों को बैठने तक की जगह नहीं मिली। कड़ी धूप में बच्चे इधर-उधर भटकते नजर आए। वहीं फुल ड्रेस में पहुंचे बच्चे गर्मी के चलते पसीने से तर-बतर हो गए। जब परेड हुई तो नौ बच्चे फिर बेहोश होकर गिर पड़े। पानी की कमी शनिवार को भी बनी रही। बच्चों के साथ गए अध्यापक-अध्यापिकाओं को अव्यवस्था खूब खली और कहा कि हर बार यही स्थिति रहती है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल थी। इसके लिए डीसी को 8 बजकर 58 मिनट पर ध्वजारोहण करना था। लेकिन वे 9 बजकर 17 मिनट पर पहुंचीं। एसपी भी उनके साथ कार्यक्रम में पहुंचीं। इसके बाद डीसी ने ध्वजारोहण किया।
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पानी की कमी नहीं हो पा रही दूर : परेड की रिहर्सल के दौरान पानी की भारी कमी बनी रही। बच्चे खाली कैंपर उठाकर पानी ढूंढते नजर आए। एक कैंपर में तो कीड़ा भी निकल आया।

पूरे टेंट में एक पंखा, खचाखच बैठे रहे बच्चे : सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए फुल ड्रेस में आए बच्चों के लिए शनिवार को छांव का प्रबंध तो किया गया, लेकिन यह जगह भी कम पड़ी। यहां महज दो पंखे रखे गए थे। इनमें से एक बंद पड़ा हुआ था। पूरे टेंट में बच्चे इस तरह बैठे थे कि पांव रखने की जगह नहीं थी। जिस कारण फुल ड्रेस में आए बच्चे पसीने से तर-बतर हो गए। लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। एक अध्यापक ने एसडीएम कमलप्रीत कौर का ध्यान बच्चों की हालत पर दिलाया तो एसडीएम ने कहा कि कुछ व्यवस्था करवाई जाएगी। लेकिन कुछ नहीं हो पाया। इसके अलावा बच्चों को शौचालय तक की समस्या का सामना करना पड़ा।
नौ बच्चे हुए बेहोश : शनिवार को परेड में नौ बच्चे बेहोश होकर गिरे। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा टीम द्वारा मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा दी गई। पूरे मैदान में बच्चों के बैठने के लिए छांव की कमी बनी हुई है। बच्चों को कड़ी धूप में अभ्यास करना पड़ रहा है।
मैदान में अव्यवस्था : पुलिस लाइन मैदान में बच्चों को नृत्य करते हुए फिसलने का डर बना हुआ था। इसका कारण यहां बड़ी घास होना था। इसके अलावा स्टेज के सामने जो मैट बिछाया हुआ था, उसने बच्चों को काफी परेशान किया। बच्चे परेड के दौरान उसमें उलझ कर गिरते नजर आए। एक पानी के कैंपर में बड़ा कीड़ा निकला। जिसका बच्चों ने फोटो भी खींच लिया।
हर साल यही स्थिति, बच्चों को होती हैं परेशानियां : बच्चों के साथ आए अध्यापक-अध्यापिकाओं ने कहा कि हर साल यही स्थिति रहती है। इसमें कोई सुधार नहीं हो पा रहा। यहां तक की पानी तक की व्यवस्था पूरी नहीं हो पाती। बच्चे बेहोश होकर गिर जाते हैं। इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। 3000 बच्चों के लिए महज 20 कैंपर से कैसे काम चलेगा? क्या पानी की जरूरत भी पूरी नहीं हो सकती।
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करनाल मंडल के कमिश्नर होंगे ध्वजारोहण
15 अगस्त को करनाल मंडल के कमिश्नर पंकज यादव मुख्यातिथि होंगे और ध्वजारोहण करेंगे। डीसी ने फुल ड्रेस अंतिम पूर्वाभ्यास में ध्वजारोहण करने के बाद परेड में शामिल टुकड़ियों की सलामी ली। इससे पूर्व डीसी, एसपी एवं परेड कमांडर के साथ खुली जीप में सवार होकर परेड टुकड़ियों का निरीक्षण किया। परेड कमांडर डीएसपी सुल्तान सिंह के नेतृत्व में 9 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। डीसी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारियों एवं टीमों के इंचार्जों को निर्देश देते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुरूप इन कार्यक्रमों को जोश के साथ प्रस्तुत करवाएं।

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