पंचायतों द्वारा करवाए जाने वाले कार्यों को किया जा रहा है ऑनलाइन
पहले चरण में ती जिलों में लागू की गई नई परियोजना
जिले की सभी 277 पंचायतों द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्य होंगे ऑनलाइन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले की सभी 277 पंचायतों के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों को ऑनलाइन किया जाएगा। कैथल के अलावा महेंद्रगढ़ व हिसार जिलों में प्रोजेक्ट के तहत प्राथमिक चरण में पंचायती राज इंस्टिट्यूशन सॉफ्टवेयर ईजाद किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से इन तीन जिलों की सभी पंचायतें आगामी एक वर्ष में करवाए जाने वाले पंचायत स्तर के कार्यों का विवरण, खर्च के साथ-साथ उस परियोजना की प्रगति का स्टेटस भी सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध होगा। इस नई व्यवस्था से पंचायती राज संस्थाओं की कार्य प्रणाली में विकास की गति तेज होने के साथ-साथ पारदर्शिता भी आएगी। यह जानकारी डीसी सुनीता वर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि जिला की सभी 277 पंचायतों के विकास की योजनाओं को इस सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर दिया गया है। पूरे वर्ष में पंचायतों द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों की अग्रिम योजना सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण स्तर की विकास योजनाओं का वित्तीय लेखा-जोखा तथा समय-समय पर उस संबंधित विकास योजना की फिजिकल वेरीफिकेशन भी इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जा सकेगी। इन विकास कार्यों में ग्रामीण स्तर पर किए जाने वाले विकास कार्य जैसे ड्रेनों की सफाई, स्ट्रीट लाईट, सामुदायिक भवन, चौपाल, रिटेनिंग वॉल, गली व सड़कों को पक्का करने के काम की गति व स्टेटस लगातार उपलब्ध होगा। डीसी ने बताया कि एडोप्शन ऑफ एक्शन सॉफ्ट एप्लीकेशन एंडर पीईएस शूट ऑफ ई-पंचायत को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन सिंह ने बताया कि इस ई-पंचायत एमएमपी योजना के तहत की गई प्रगति की समीक्षा के समय-समय पर सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों की बैठक करके इस दिशा में किए गए कार्यों व गति के बारे में जानकारी ली जा रही है। यह योजना जिला कैथल में पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है तथा बाद में इसकी समीक्षा के बाद पूरे प्रदेश के जिलों की पंचायतों में लागू करने का प्रस्ताव है।