फीका रहा गोगा पीर पर लगने वाला वार्षिक मेला
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। जाहर वीर गोगा माड़ी पर लगाने वाला छड़ियों का वार्षिक मेला संपन्न हो गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने मेले के लिए परमिशन नहीं दी थी। प्रशासन ने इस बारे में रविवार शाम को मुनादी करवा दी थी। सुरक्षा कारणों को लेकर मेला प्रबंध समिति ने लगने वाली अस्थाई दुकानों को लगने ही नहीं दिया। दुकानों के न लगने के कारण मेला पूरी तरह फीका रहा। स्थिति को देखते हुए पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए सुबह से पूजा करने का सिलसिला शुरू कर दिया। जो मेला दोपहर बाद रंग पकड़ता था वह दोपहर होते-होते समाप्त भी हो गया। थाना प्रभारी लालित मोहन के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा बार बार मेला स्थल का दौरा किया गया। उधर, प्रबंध समिति भी बार-बार घोषणा कर रही थी कि पूजा करने के बाद श्रद्धालु तत्काल निकलें और जमावड़ा न होने दें।
दंडवत कर धामक स्थल पर पहुंचे श्रद्धालु
मेले में श्रद्धालु दंडवत कर पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे। इस बार विशेष बात यह रही की इस बार दंडवत कर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत ज्यादा रही। इसमें युवाओं व बच्चों के साथ महिलाएं भी शामिल थी। छड़ियों के साथ महिलाएं नाचती हुई चल रही थी।
गोगा माड़ी सेवा समिति प्रबंध समिति सदस्यों सुरेंद्र राणा, रमेश सरीन, पवन राणा, सत्यवान, अजय, धारा भगत ने बताया कि हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष सप्तमी को कलायत में जाहरवीर गोगा पीर का वार्षिक मेला लगता है। राजस्थान में जहां उन्हें बागड़ वाला कहा जाता है तो कहीं पर उन्हें प्रसाद रूपी गुगल से जन्म होने के कारण गोगाल वीर भी कहा जाता है। उनकी यादगार को कायम रखने के लिए कलायत में भी छड़ियों के नाम से मशहूर यह मेला पूरी उमंग व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।