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स्वच्छ मैप एप में आने वाली 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें होती है झूठी

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स्वच्छ मैप एप में आने वाली 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें होती है झूठी, एप डील करने वाले बोले-
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लोग बस व रेल की गंदगी की फोटो को करते हैं अपलोड, वहां कैसे करें सफाई
फोटो नंबर-13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। लोगों को गंदगी की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई स्वच्छ मैप एप की नगर परिषद की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही है। जिससे एप में आने वाली 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें झूठी पाई जाती हैं। जिससे इस एप में गंदगी की समस्या का सफाई के माध्यम से समाधान करने में अधिकारियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां तक इस एप की सही जानकारी नहीं होने के कारण लोग बस व रेल तक की गंदगी की फोटो को एप पर अपलोड कर देते हैं। इसके अलावा लोग स्वयं घर में फैली गंदगी की फोटो को अपलोड करते हैं। जिससे सफाई करने वाले कर्मचारियों से लेकर इसे डील करने वाले अधिकारी परेशान होते हैं।
50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें होती हैं झूठी : नप में तैनात एप को डील करने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि स्वच्छ मैप की एप को लोगों की सुविधाओं के लिए शुरू किया गया था। लेकिन यह पिछले लंबे समय से सुविधा की बजाय हमारे लिए तो असुविधा बन चुकी है। इस मैप की एप के तहत अपलोड की गई फोटो 50 प्रतिशत तक झूठी पाई है जो मुख्य रूप से सार्वजनिक स्थलों, मुख्य मार्ग या किसी चौक चौराहे की नहीं होती है। जिससे हमें शिकायतों का निपटारा करने में काफी कठिनाई होती है।
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सच्ची शिकायत नहीं मानते : मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने कहा कि स्वच्छ मैप की एप पर आने वाली झूठी शिकायतों को मैप की एप में नहीं गिना जाता है। इसलिए हम इन्हें सच्ची शिकायत नहीं मानते और इसे रिजेक्ट कर देते हैं।
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